भिंड के वार्ड 35 में 72 लाख रुपए की लागत से बन रही सड़क में घटिया निर्माण की शिकायत पर कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने मंगलवार शाम निरीक्षण किया। मौके पर सड़क का निर्माण मिट्टी के ऊपर ही किया जा रहा था। कलेक्टर ने घटिया निर्माण देखते ही नगर पालिका के इंजीनियरों को फोन किया, लेकिन उनके मोबाइल स्विच ऑफ मिले। इसके बाद वे सीधे नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और फाइलों की जांच की। सीएमओ की अनुपस्थिति में कलेक्टर ने बंद कमरे में पार्षदों और कर्मचारियों की उपस्थिति में फाइलें खंगालीं। जानकारी के अनुसार एक वरिष्ठ नेता की शिकायत पर कलेक्टर ने यह कार्रवाई की। स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर में विकास कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कलेक्टर ने फाइलों की जांच में पाई गड़बड़ियां नगर पालिका कार्यालय में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को फाइलों की जांच के दौरान अनियमितताएं मिली। नामांतरण शाखा में पुरानी फाइलें लंबित मिलीं, जबकि नई फाइलों का काम तेजी से निपटाया जा रहा था। अकाउंट शाखा की जांच में पता चला कि 2021-22 की स्वीकृत फाइलों के भुगतान रुके हुए हैं, लेकिन 2024 की फाइलों के भुगतान प्राथमिकता से किए जा रहे हैं। कलेक्टर के इस संबंध में पूछे गए सवालों का पार्षद और अकाउंटेंट संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। कलेक्टर ने नामांतरण क्लर्क को फटकार लगाई और अकाउंट शाखा की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पुरानी फाइलों को दरकिनार कर नई फाइलों को प्राथमिकता देने पर सवाल उठाए। कलेक्टर की कार्रवाई पर विधायक को फोन, जवाब मिला- “समय नहीं है” नगर पालिका में फाइलों की जांच के दौरान कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव की सख्त कार्रवाई से पार्षदों में हड़कंप मच गया। कुछ पार्षदों ने तत्काल विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह को फोन कर स्थिति से अवगत कराया। जब पार्षदों ने कलेक्टर को विधायक के आने की सूचना दी, तो उन्होंने साफ कह दिया कि उनके पास समय नहीं है। नगर पालिका उपाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह भदौरिया ने बताया कि कलेक्टर वार्ड 35 में घटिया सड़क निर्माण की शिकायत पर पहुंचे थे। वहां से सीधे नगर पालिका आकर उन्होंने फाइलों की जांच की और पाई गई अनियमितताओं पर अधिकारियों को फटकार लगाई। इस पूरे मामले पर नगर पालिका उपाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि कलेक्टर घटिया सड़क निर्माण की जांच करने वार्ड 35 गए थे। वहां से सीधे नगर पालिका पहुंचे और फाइलों की जांच की। अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई।


