घने जंगल के बीच स्थित है गेपरनाथ, बारिश में झरने से बढ़ती है सुंदरता, प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करने पहुंचते हैं पर्यटक

भास्कर न्यूज | बारां शेरगढ़ अभयारण्य क्षेत्र स्थित गेपरनाथ महादेव को पर्यटन व पिकनिक स्पॉट के रूप में अब विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वन-विभाग द्वारा यहां रेन शेल्टर, वॉच टावर समेत अन्य सुविधाएं विकसित की जाएगी। साथ ही अभयारण्य क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल का भी निर्माण होगा। इसके लिए विभाग ने करीब 50 लाख रुपए से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। वाइल्ड लाइफ क्षेत्र से होने से अभी यहां तक पहुंच आसान नहीं है। बारिश के दौरान लोग यहां पर पैदल ही पहुंच सकते हैं। वन विभाग के अनुसार गेपरनाथ महादेव परिसर में करीब 3 लाख रुपए की लागत से रेन शेल्टर का निर्माण किया जाएगा। ताकि बारिश के दौरान आने वाले लोगों को सुरक्षित ठहराव मिल सके। वहीं 10 लाख रुपए से वॉच टावर बनाया जाएगा। जिससे क्षेत्र की निगरानी के साथ प्राकृतिक दृश्यावलोकन को भी बढ़ावा मिलेगा। ज्यादा बारिश आने पर पर्यटक यहां ठहराव ले सकेंगे। इसके अलावा वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए साढ़े 37 लाख रुपए की लागत से बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाएगा। ^शेरगढ़ अभयारण्य क्षेत्र में स्थित गेपरनाथ महादेव पर पर्यटकों के लिए सुविधा विकसित की जाएगी। यहां पर रेन शेल्टर, वॉच टावर का निर्माण होगा। साथ ही अभयारण्य क्षेत्र में बाउंड्रीवॉल का भी कार्य करवाया जाएगा। इसको लेकर विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। यहां पर मानसून के दौरान बडी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। जितेंद्र खटीक, रेंजर, शेरगढ़ अभयारण्य विभाग के अनुसार गेपरनाथ महादेव घने जंगलों के बीच स्थित एक प्राचीन मंदिर है। यहां पर वाहन से पहुंचने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं है। लोग एक कच्चे ट्रेक से ही यहां पर पहुंच सकते हैं। मानसून के दौरान यहां आसपास समेत जिलेभर से लोग पहुंचते हैं। बारिश के समय ही यहां पर कई बड़े-छोटे झरने शुरू होते हैं। इसके कारण पर्यटक यहां झरनों मेंे नहाने का लुत्फ उठाते हैं। अभयारण्य क्षेत्र में होने के कारण यहां पर अब विभाग द्वारा कार्य करवाया जा रहा है। इस जगह चारों ओर फैली हरियाली, चट्टानें और प्राकृतिक संरचना इसे बाकी मंदिरों से अलग बनाती है। यहां मौजूद शिवलिंग भी प्राकृतिक है।

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