घर पर हमला-मारपीट का मामला:फिर विवादों में डेयरी संघ, आरोप- सप्लाई लोकल, लंबे रूट का 4 गुना किराया उठा रहे

घोटालों और आपसी झगड़ों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाले उदयपुर दुग्ध उत्पादक संघ (उदयपुर डेयरी) में एक और नया विवाद सामने आया है। इस बार का विवाद डेयरी से होने वाली दूध सप्लाई और रूट के ठेकों से जुड़ा है। आरोप है कि डेयरी से डूंगरपुर तक दूध सप्लाई करने वाली गाड़ियां तय मात्रा में दूध नहीं पहुंचा रही हैं। ठेकेदारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। शनिवार रात एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पन्नालाल गुर्जर के घर पर हमला कर दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को डिटेन किया, फिर पाबंद कर छोड़ दिया गया। डेयरी चेयरमैन डालचंद डांगी ने कहा कि वे किसानों के प्रतिनिधि हैं। ठेकेदारों के बीच चल रहे विवाद के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी प्रशासक एमडी दे सकते हैं। डेयरी प्रबंधक डॉ. विमलेश राठौड़ से जब इस विवाद को लेकर बात की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं देकर कॉल काट दी। इसके बाद उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। लोकल में 8 से 9, लंबी दूरी में प्रति कैरेट 50 रु. तक किराया उदयपुर डेयरी में मृतक के नाम से सिक्योरिटी का 6 साल से टेंडर चल रहा था। इस टेंडर को इस बार भी बढ़ाने की तैयारी है।{ डेयरी के प्रतापनगर वेयरहाउस से दूध पाउडर के 250 कट्टे चोरी हो गए थे। इस मामले में पूर्व चेयरमैन गीता ने कई पदाधिकारियों पर आरोप लगाए थे।{ डेयरी संघ में गत वर्ष दिसंबर में सप्लाई के दौरान दूध के 40 कैरेट चोरी होने का मामला भी सामने आ चुका था। एक कैरेट में 12 लीटर दूध आता है। स्थानीय रूट में प्रति कैरेट 8 से 9 रुपए किराया मिलता है, जबकि लंबे रूटों पर प्रति कैरेट किराये की दर 48 से 49 रुपए रहती है। ऐसे में ठेका संचालक लंबे रूटों के नाम पर दूध उठाते हैं और लोकल में सप्लाई कर देते हैं, लेकिन किराया लंबे रूट के हिसाब से उठा लेते हैं। 120 कैरेट के हिसाब से देखा जाए तो इससे हर रोज डेयरी को 4 से 5 हजार रुपए का नुकसान पहुंचता है, जबकि ठेका संचालक को हर माह डेढ़ लाख रुपए का सीधे-सीधे फायदा होता है। डूंगरपुर रूट की गाड़ी को प्रति लीटर 4.11 रुपए मिलते हैं। टीडी, जावर माइंस रूट की रेट 0.77 रुपए है। बता दें कि डेयरी नियमों के अनुसार एक ठेकेदार को अधिकतम दो टेंडर दिए जा सकते हैं। आरोप है कि इसी नियम का फायदा उठाते हुए ठेकेदार दूसरे लोगों के नाम से टेंडर ले लेते हैं। फिर रूट पर पुराने ठेकेदार की गाड़ियां चलती हैं। इसे लेकर आपस में विवाद होते रहते हैं। डेयरी को लाखों का नुकसान : पन्नालाल पन्नालाल गुर्जर का कहना है कि जगदीश द्वारा 250 कैरेट दूध लेकर डूंगरपुर रूट सप्लाई बताकर लोकल रूट पर बेचा जा रहा था। इससे डेयरी को लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है। शिकायत करने पर डेयरी ने सप्लाई कम करने के साथ पेनल्टी लगा दी। इससे नाराज होकर शनिवार रात को जगदीश गुर्जर ने घर पर हमला करवा दिया। पुलिस ने उसे पाबंद करके छोड़ दिया।

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