कोरबा के कनकेश्वर धाम कनकी गांव में एक घर के अंदर 5 फीट लंबा भारतीय नाग (कोबरा) निकलने से हड़कंप मच गया। यह घटना शहर से करीब 26 किलोमीटर दूर हुई। रात करीब 10 बजे जब परिवार के सदस्य सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन्होंने कुछ चलता हुआ महसूस किया और ठीक से देखने पर सांप को दो कुर्सियों के बीच बैठा पाया। सांप को देखते ही घर वाले तुरंत बाहर निकल गए और मदद के लिए आसपास के लोगों को बुलाया। हालांकि, डर के कारण किसी की भी सांप के पास जाने की हिम्मत नहीं हुई। इसके बाद गांव के युवक बसंत रजवाड़े ने वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम (नोवा नेचर) के जितेंद्र सारथी को घटना की सूचना दी। जितेंद्र सारथी ने जल्द पहुंचने की बात कही और कुछ ही देर में अपनी टीम के सदस्य सिद्धांत जैन के साथ कनकी गांव पहुंचे। घर में घुसे नाग का सफल रेस्क्यू रेस्क्यू टीम ने कमरे में मौजूद भारतीय नाग को बड़ी सावधानी से बाहर निकाला और उसे एक थैले में सुरक्षित डाल दिया। इस सफल रेस्क्यू के बाद सभी ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और रेस्क्यू टीम का धन्यवाद किया। बाद में सांप को उसके प्राकृतिक आवास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने देखा रेस्क्यू प्रक्रिया ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण सांप को देखने और रेस्क्यू प्रक्रिया को समझने के लिए घर के बाहर खड़े रहे। कनकी गांव में भगवान शिव का मंदिर है, जिसके कारण यहां के लोग सांपों को भगवान शिव का स्वरूप मानते हैं। इसी आस्था के चलते ग्रामीण सांपों को मारते नहीं, बल्कि उन्हें बचाने और सुरक्षित जंगल में छोड़ने का प्रयास करते हैं। बसंत रजवाड़े ने बताया कि खाना खाने के बाद परिवार सोने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान कुर्सी हटाते समय सांप की फुंकार की आवाज आई। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद तत्काल परिजन घर छोड़कर बाहर आ गए और स्नैक कैचर की टीम को सूचना दी। बसंत ने यह भी बताया कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया जाता, तो कोई बड़ी घटना घट सकती थी।


