झालावाड़ में चार युवकों ने घर में घुसकर फायरिंग कर चचेरे भाई की हत्या कर दी। हमले में चचेरे भाई के सीने में छर्रे लगे थे। उसका 7 साल का बेटा गले और सिर में छर्रे लगने से गंभीर घायल हो गया। विवाद मनरेगा के मस्टर रोल (रजिस्टर) में हाजिरी लगवाने को लेकर था। घटना झालरापाटन क्षेत्र के बिरिया खेड़ी गांव में शनिवार रात करीब 8 बजे हुई। घायल बच्चे को झालावाड़ के एसआरजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। हमले के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। काम किए बना हाजिरी लगवाना चाहते थे
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत शनिवार सुबह करीब 10 बजे गांव में मनरेगा कार्यस्थल पर हुई थी। गांव का दरियाव सिंह पुत्र मोहन सिंह कार्यस्थल पर मस्टर रोल भर रहा था। उसके चचेरे भाई दूल्हे सिंह और जगदीश पुत्र हरिराम भी मजदूरी करने आए थे। वे बिना काम किए मस्टर रोल में हाजिरी लगवाना चाहते थे। दरियाव सिंह ने बिना मजदूरी के हाजिरी लगाने से मना कर दिया। इस पर दोनों पक्षों में बहस हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि दूल्हे सिंह और जगदीश ने दरियाव सिंह के पिता मोहन सिंह को पीटना शुरू कर दिया। जब दरियाव सिंह की भाभी संतोष बाई पत्नी रूप सिंह ने ससुर मोहन सिंह को बचाने की कोशिश की, तो दोनों ने उसके साथ मारपीट कर उसका हाथ तोड़ दिया। दरियाव सिंह और परिवार के अन्य सदस्य संतोष को इलाज के लिए झालरापाटन ले गए, जहां उसके हाथ में प्लास्टर चढ़ाया गया। उन्होंने सदर थाने में दूल्हे सिंह और जगदीश के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया। खाना खा रहे लोगों पर की फायरिंग
शनिवार रात को जब दरियाव सिंह का पूरा परिवार घर के आंगन में बैठकर खाना खा रहा था, तभी दूल्हे सिंह और जगदीश दो अन्य भाइयों जुगराज और राघु सिंह को लेकर वहां पहुंचे। उन्होंने पूरे परिवार पर बंदूक से फायरिंग कर दी। अचानक हुई इस फायरिंग में दरियाव के भाई रूप सिंह (35) और उनके बेटे लेखराज (7) को छर्रे लग गए। कुछ ही देर बाद रूप सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। उनका पड़ोसी हरिशंकर जब उनके घर पहुंचा, तो लेखराज लहूलुहान हालत में पड़ा हुआ था। हरिशंकर अपनी बाइक से लेखराज को इलाज के लिए एसआरजी अस्पताल में भर्ती करवाया। पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप
मामले में मृतक रूप सिंह के भाई दरियाव सिंह, बेटी कविता और भाभी माया पत्नी राजू ने सदर थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि रात को जब फायरिंग में उनके परिवार के एक सदस्य की मौत हो गई, उसके बाद भी पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। पुलिस एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो चुके थे। शादी से लौटा था रूप सिंह रूप सिंह (मृतक) के तीन भाई दरियाव सिंह, राजू और बालचंद हैं। सभी मजदूरी करते हैं। परिवार वालों ने बताया कि रूप सिंह तीतर वासा गांव में शादी में शामिल होकर शनिवार शाम ही घर लौटा था। सभी घर वाले आंगन में बैठकर खाना खा रहे थे और सुबह हुई घटना के बारे में रूप सिंह को बता रहे थे। उसी समय चारों आरोपी वहां पहुंचे और फायरिंग शुरू कर दी।


