चंडीगढ़ इंफोर्समेंट विंग द्वारा 6 लाख वसूलने पर गरमाई राजनीति:AAP-BJP और कांग्रेस बोली-बड़ा स्कैम होगा उजागर, कमिश्नर ने जांच करवाई शुरू की

चंडीगढ़ में नगर निगम की इंफोर्समेंट विंग पर आरोप है कि वह शहर के वेंडरों से हर माह करीब 6 लाख रुपए तक की अवैध वसूली कर रही है। यह आरोप एक कर्मचारी द्वारा लगाए गए है। जिसका वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो के सामने आने के बाद अब यह मामला राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। AAP, कांग्रेस और बीजेपी तीनों ही राजनीतिक दलों ने इस मामले की गंभीर जांच की मांग की है। पार्टियों का कहना है कि जांच सिर्फ निगम स्तर पर नहीं, बल्कि पुलिस द्वारा की जानी चाहिए। जिससे सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। नगर निगम कमिशनर अमित कुमार ने मामले में जांच के आदेश दे दिए है। बड़ा स्कैम आएगा सामने चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने कहा कि मैंने कल यह खबर पढ़ी थी, जिसके बाद मैंने तुरंत नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार को फोन किया और मामले की गहराई से जांच करने के लिए कहा। कमिश्नर ने बताया कि उन्होंने पहले ही अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। लक्की ने कहा कि अगर एक इंस्पेक्टर हर महीने करीब 6 लाख रुपए इकट्ठा कर रहा है, तो इंफोर्समेंट विंग में कितने इंस्पेक्टर हैं, उनके नीचे का स्टाफ भी होता है, तो करोड़ों का स्कैम सामने आ सकता है अगर इसकी जांच हो। यह हम नहीं कह रहे, क्योंकि वीडियो बनाकर जो आरोप लगाए गए हैं। वह बाहर के किसी शख्स ने नहीं, बल्कि निगम के कर्मचारी ने ही लगाए हैं, तो उसमें कुछ तो सच्चाई होगी। निष्पक्ष हो मामले की जांच चंडीगढ़ बीजेपी अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और उनमें कितनी सच्चाई है, वह तो जांच करने के बाद ही सामने आएगा। इसलिए वह तो नगर निगम कमिश्नर से इतना ही कहेंगे कि मामले में निष्पक्षता के साथ जांच करवाई जाए, ताकि पता चल सके कि इसमें कितनी सच्चाई है। अगर इसमें सच्चाई है, तो संबंधित अधिकारी पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस अपनाए चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष विजयपाल ने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस सिर्फ नारा नहीं, बल्कि हकीकत होना चाहिए। जनता की मेहनत की कमाई और मेहनतकशों की गरिमा के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक सफाई कर्मचारी का वीडियो पूरे शहर में चर्चा का विषय है, जिसमें उसने आरोप लगाया है कि नगरपालिका का निरीक्षक उस पर हर महीने बाजार से 5–6 लाख रुपए की अवैध वसूली करने का दबाव डाल रहा है। अगर एक सफाई कर्मचारी से इतनी बड़ी रकम की वसूली हो रही है, तो सोचिए यह खेल कितने सालों से चल रहा होगा और इस काले धन का असली गंतव्य कौन है। उन्होंने कहा कि क्या आला अधिकारी इस पूरे मामले से अनजान थे या जानबूझकर आंखें मूंद ली गई, पिछले वर्षों में कितने करोड़ रुपए जनता की जेब से इसी तरह लूटे गए, इसका जवाब अब जनता चाहती है। उन्होंने कहा कि मामले की तुरंत निष्पक्ष, समयबद्ध और पारदर्शी जांच हो। दोषी निरीक्षक और उससे जुड़े सभी अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो। कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए स्वतंत्र शिकायत तंत्र और हेल्पलाइन बनाई जाए, जिससे वे बिना डर अपनी बात रख सकें। सुनिए वीडियो में कर्मचारी विकास ने क्या आरोप लगाए..

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