चंडीगढ़ में मेयर के पहले दो उनसे मिलने वालों का तांता रहा। कोई फरियाद लेकर पहुंचा, कोई बधाई देने तो कोई शिकायत लेकर। इस तरह के कामकाज के बीच आज बुधवार को तीसरे दिन उनके लिए कुछ इसी तरह का रहा। लगभग शाम चार बजे का समय उन्होंने लोगों से मिलने के लिए रखा था। उन्हें मिलने के लिए खासतौर पर अनुसूचित जाति मोर्चा के कुछ कार्यकर्ता और चंडीगढ़ प्रदेशाध्यक्ष पहुंचे। उनकी मांग थी कि एमसी कार्यालय में सफाई कर्मचारी काम कर रहे पक्के कर्मचारियों, जिनकी मौत हो गई है, उनके कम्पैशनेट ग्राउंड पर जो कर्मचारी रखे जाते हैं उन्हें डेली वेज या कांट्रेक्ट पर रखा जाता है। इसके अलावा कांट्रेक्ट पर काम कर रहे सफाई कर्मचारियों की सैलरी समय से उन्हें मिले। अमित खैरवाल (अनुसूचित मोर्चा अध्यक्ष) के मुताबिक यहां पर लगभग 250 से 300 केस पिछले 4 सालों से लंबित हैं जिन पर वे मेयर की खास हस्तक्षेप चाहते हैं। इस पर मेयर हरप्रीत ने जवाब दिया कि वे इस मामले को गौर से देखेंगी। उन्होंने मोर्चा के लोगों से एक ड्राफ्ट और प्रेसेंटेशन बनाने को कहा है। जिसके बाद ही वह इस बारे में कुछ सोच सकती हैं। डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर पर भी बोलीं हरप्रीत उन्होंने कहा कि मैने पहले दिन से ही कह दिया था कि डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर चाहे किसी भी पार्टी से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन हमारा उद्देश्य मिलकर चंडीगढ को संवारना होगा। किसी भी प्रकार की तलख़ी केवल एक अफवाह है। गवर्नर के साथ मीटिंग और नयागांव के बारे में भी बताया मेयर ने बताया कि उनकी कल की गवर्नर के साथ मीटिंग बहुत पॉजिटिव रही, उन्हें पहली बार गवर्निंग कांउसल का हिस्सा बनने पर गर्व है। और उन्होंने लाल डोरे का बाहर के मकानों को बिजली और पानी देने के लिए कहा है। उन्होंने पेरीफेरी के गांव की बात तो की, लेकिन नयागांव को चंडीगढ़ का हिस्सा बनने की बात को वह टाल गईं। सफाई के लिए कड़े प्रयास करेंगे मेयर ने कहा कि वह चंडीगढ़ के सफाई में गिरे रैंक से दुखी है, और वह प्रयासरत है कि चंडीगढ देश के पहले तीन साफ शहरों में नामांकित हो।


