चंडीगढ़ कोर्ट से हरियाणा सरकार को झटका:रिटायर रोडवेज कर्मचारी दीपक ACP लाभ के हकदार, परिवहन विभाग की अपील खारिज

हरियाणा रोडवेज के रिटायर सब-इंस्पेक्टर दीपक कुमार को ACP (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) स्केल देने से जुड़े मामले में चंडीगढ़ जिला कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली हरियाणा सरकार की अपील खारिज कर दी गई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. हरप्रीत कौर की कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए राज्य सरकार की अपील को निराधार बताया। कोर्ट ने 12 दिसंबर 2025 को दिए फैसले में कहा कि निचली अदालत के आदेश में कोई कानूनी खामी नहीं है, जिसके आधार पर उसमें हस्तक्षेप किया जाए। ऐसे में हरियाणा सरकार, परिवहन विभाग और अन्य अधिकारियों द्वारा दायर सिविल अपील को खारिज किया जाता है। जानिए पूरा मामला क्या था दीपक कुमार ने 9 मार्च 1981 को हरियाणा रोडवेज में कंडक्टर के रूप में नौकरी जॉइन की थी। बाद में उनकी सेवाएं 1 नवंबर 1986 से नियमित की गईं। वर्ष 1981 में सेवाएं समाप्त किए जाने के बाद उन्होंने लेबर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेबर कोर्ट ने 1998 में उन्हें सेवा में बहाल करते हुए निरंतरता का लाभ दिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने 2013 में बैक वेज को 25 प्रतिशत तक सीमित करते हुए बहाली को बरकरार रखा। दीपक कुमार को वर्ष 2012 में सब-इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नति मिली और वे 31 अक्टूबर 2017 को सेवानिवृत्त हुए। ACP स्केल को लेकर विवाद दीपक कुमार का कहना था कि उन्हें नियमों के अनुसार पहले, दूसरे और तीसरे ACP स्केल समय पर नहीं दिए गए। उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि सेवा में निरंतरता मिलने के बाद वे सभी ACP लाभ पाने के हकदार हैं। निचली कोर्ट ने उनकी दलील मानते हुए ACP स्केल सही तिथियों से देने का आदेश दिया था। अपील खारिज, फैसला बरकरार अपील पर सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि लेबर कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों के बाद दीपक कुमार की नौकरी को लगातार माना जाएगा। इसलिए वे ACP नियमों के तहत मिलने वाले सभी लाभ लेने के हकदार हैं। अदालत ने यह भी माना कि निचली अदालत ने मामले के तथ्यों और नियमों को सही तरह से समझकर फैसला दिया है। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए हरियाणा सरकार की अपील को खारिज कर दिया और कहा कि मामला पूरी तरह से नियमों के अनुरूप है। इसके साथ ही डिक्री शीट तैयार करने और रिकॉर्ड वापस भेजने के आदेश दिए गए।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *