चंडीगढ़ निगम में अब बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य:कमिश्नर अमित बोले- फर्जी अटेंड्स पर लगेगा ब्रेक; लापरवाह स्टाफ की रुकेगी सैलरी

अब चंडीगढ़ नगर निगम के कर्मचारियों को सिर्फ बायोमैट्रिक हाजिरी (उंगलियों की स्कैन से लगने वाली हाजिरी) के आधार पर ही सैलरी मिलेगी। निगम कमिश्नर अमित कुमार ने साफ कह दिया है कि जिसकी हाजिरी बायोमैट्रिक सिस्टम में नहीं होगी, उसे सैलरी नहीं दी जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि ये फैसला इसलिए लिया गया है ताकि फर्जी हाजिरी करने वालों को पकड़ा जा सके और सरकारी सिस्टम में ईमानदारी और पारदर्शिता लाई जा सके। जो कर्मचारी इस सिस्टम का पालन नहीं करेंगे, उन्हें कोई छूट नहीं दी जाएगी। सभी कर्मचारियों का आधार से जुड़ा होना जरूरी बायोमैट्रिक हाजिरी सिस्टम को पहले ही तनख्वाह वाली प्रक्रिया से जोड़ दिया गया है। यानी अब आपकी हाजिरी ही तय करेगी कि आपको पूरा वेतन मिलेगा या नहीं। कमिश्नर ने ये भी कहा कि हर कर्मचारी का आधार कार्ड से जुड़ा रजिस्ट्रेशन चालू रहना चाहिए। अगर कोई कर्मचारी हाजिरी नहीं लगाता, तो उसे गैरहाजिर माना जाएगा और वेतन भी उसी हिसाब से मिलेगा। कमिश्नर ने लेखा विभाग (Accounts Department) को भी आदेश दिए हैं कि हर कर्मचारी का पूरा रिकॉर्ड तैयार करें – जैसे कौन कितना वेतन ले रहा है, कौन-कौन से भत्ते मिल रहे हैं और किसी को कोई एक्स्ट्रा भुगतान तो नहीं हो रहा। हर कर्मचारी को समय पर हाजिरी लगानी होगी कमिश्नर ने दोहराया कि अब सभी कर्मचारियों को समय पर ऑफिस आकर बायोमैट्रिक हाजिरी लगानी होगी। यही सिस्टम रहेगा और इसी से वेतन जुड़ेगा। ये कदम इसलिए उठाया गया है ताकि जनता के पैसों से दिए जा रहे वेतन में कोई गड़बड़ी ना हो और सिर्फ वही लोग वेतन लें जो सच में काम कर रहे हैं।

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