चंडीगढ़ नगर निगम जो वित्तीय संकट से जूझ रहा है उसकी वजह से शहर के सभी विकास कार्य भी रुके पड़े है और आगामी जनरल हाउस मीटिंग इस बार एक अलग माहौल में होने जा रही है। नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर जसवीर सिंह बंटी ने निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर मांग की है कि 30 अप्रैल को होने वाली बैठक में नए प्रस्ताव पारित करने के बजाय निगम की बिगड़ती वित्तीय स्थिति पर गंभीरता से चर्चा की जाए। जसवीर बंटी की इस मांग ने नगर निगम में हलचल मचा दी है। अब नजरें टिकी हैं 30 अप्रैल की बैठक पर, जहां यह तय होगा कि निगम की खस्ताहाल आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कोई ठोस निर्णय लिया जाता है या नहीं। जसवीर बंटी ने पत्र में कहा कि बीते कुछ महीनों में करोड़ों रुपए के प्रस्ताव पारित किए गए, लेकिन निगम के पास धन की भारी कमी के चलते आज तक उन पर टेंडर तक जारी नहीं हो सके। उन्होंने सवाल उठाया कि जब धन ही उपलब्ध नहीं है तो नए करोड़ों के प्रस्ताव पास करने का कोई अर्थ नहीं रह जाता। बंटी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में निगम को पहले से ज्यादा फंड मिला था, लेकिन मात्र छह महीनों में ही पूरा बजट खर्च हो गया। अब हालात यह हैं कि न सिर्फ विकास कार्य ठप हो गए हैं, बल्कि वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों की नौकरियां भी खतरे में पड़ गई हैं। सीनियर डिप्टी मेयर ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते फंड मिस मैनेजमेंट की जांच नहीं करवाई गई और ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में निगम को बंद करने जैसी नौबत आ सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि निगम के सभी पार्षदों और अधिकारियों को एक विशेष बैठक बुलाकर फंड खर्च, दुरुपयोग और वित्तीय प्रबंधन की गहन समीक्षा करनी चाहिए। साथ ही भविष्य में फंड का उपयोग पारदर्शिता और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए ताकि निगम की वित्तीय स्थिति को फिर से मजबूत बनाया जा सके।


