पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के साजिशकर्ताओं में शामिल अनमोल बिश्नोई और सचिन थापर के फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले 2 अंतरराष्ट्रीय इमिग्रेशन ठगों को चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस स्टेशन 34 में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों को थाना 34 प्रभारी इंस्पेक्टर सतिंदर सिंह की अगुआई में टीम ने पकड़ा है। इस गिरोह ने दर्जनों लोगों से वीजा और विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों की ठगी की है। आरोपी अरजीत के खिलाफ पहले से 8 आपराधिक केस दर्ज हैं और हरमीत के खिलाफ 5 केस दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के कपूरथला की बाबा नामदेव कॉलोनी निवासी हरमीत सिंह उर्फ टिटू चंद और रानी बाग दिल्ली निवासी अरजीत कुमार उर्फ टोनी उर्फ पाजी के रूप में हुई है। हरमीत फर्जी पासपोर्ट, वीजा, आधार कार्ड, वोटर आईडी, शैक्षणिक प्रमाणपत्र बनाने में माहिर है। वहीं अरजीत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इमिग्रेशन ठगी में माहिर है। फर्जी दस्तावेज तैयार कर भेजा विदेश पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने वैसे तो काफी अपराधियों को फर्जी दस्तावेजों पर विदेश में भेजा है। लेकिन इन दोनों ने पंजाब सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के साजिशकर्ताओं अनमोल बिश्नोई और सचिन थापर के पहले फर्जी दस्तावेज तैयार किए और फिर उनका फर्जी पासपोर्ट बनवा दिया। फिर किसी को भनक न लगे, बड़ी चालाकी से विदेश भेज दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी अरजीत कुमार पहले भी दिल्ली की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है और फिलहाल बेल पर बाहर था। विदेश भेजने के नाम पर ठगे 78 लाख पुलिस को दी शिकायत में मनजीत सिंह, निवासी गांव संच, तहसील पूंडरी, जिला कैथल, हरियाणा ने बताया कि अगस्त 2022 में उसे गुरु टूर एंड ट्रैवल्स नाम की एजेंसी के मालिक टिटू चंद का फोन आया। आरोपी ने दावा किया कि वह ग्रीस का वीजा दिलवा सकता है और उसका ऑफिस सेक्टर-34-ए के एससीओ 148, कैबिन नंबर 410 में है। मनजीत सिंह ने अपने भाई, भतीजों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर आरोपी को कुल 78 लाख रुपए ट्रांसफर करवा दिए। मनजीत ने कहा, 78 लाख में से कुछ रकम हरमीत सिंह, अरजीत कुमार और अनुराग मल्हा के खातों में ट्रांसफर की गई, 2 लाख तजिंदर सिंह को, 20 लाख नकद और 5 लाख दिल्ली में दूतावास खर्च के नाम पर दिए। आरोपी ने उन्हें फर्जी वीजा और डमी टिकट दे दिए। 19 सितंबर 2022 को जब ये लोग हवाई अड्डे पहुंचे तो इमिग्रेशन अधिकारियों ने वीजा को फर्जी बताकर जाने से रोक दिया। जब मनजीत सिंह ने एजेंट से संपर्क किया तो वह ऑफिस खाली कर चुका था। कुछ समय तक आरोपी उन्हें ₹50 हजार वापस कर बहलाते रहे और बाद में धमकी देने लगे। एक फोन कॉल में टीटू ने मनजीत सिंह को मारने की धमकी भी दी थी।


