चंडीगढ़ प्रशासक बोले अधिकारियों की जबावदेही होगी तय:सुझावों पर एक्शन ले अधिकारी, प्रशासक ने मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट, साइबर धोखाधड़ी का मामला उठा

चंडीगढ़ से जुड़े मुद्दों पर किसी भी कमेटी या सलाहकार परिषद की बैठकों में दिए गए सुझावों पर अब देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानून एवं व्यवस्था स्थायी समिति के अध्यक्ष सतनाम सिंह संधू ने चंडीगढ़ पुलिस द्वारा साइबर धोखाधड़ी से निपटने और सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी। डीजीपी ने चल रहे जन-जागरूकता अभियानों की जानकारी दी।इस पर प्रशासक ने कहा कि रात में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और साइबर अपराध से निपटने के लिए एक अलग, अच्छी तरह तैयार टीम बनाई जाए। हर सुझाव पर की कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अहम मामलों पर समय रहते कार्रवाई हो और हर सुझाव पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट दी जाए। उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी मामले में बेवजह देरी हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय में सलाहकार परिषद (एएसी) की स्थायी समितियों के अध्यक्षों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी समितियों के अध्यक्षों से अब तक हुई बैठकों, उठाए गए मुद्दों और दिए गए सुझावों की विस्तृत जानकारी ली गई। इस दौरान विभिन्न समितियों ने शहर से जुड़ी जनसमस्याओं को प्रशासक के समक्ष रखा। सामाजिक कल्याण स्थायी समिति के अध्यक्ष सत्य पाल जैन ने 25 हजार परिवारों के पेंशन लाभों में संशोधन, मजदूर भवन के लिए भूमि आवंटन, शाम की डिस्पेंसरी शुरू करने और आवारा मवेशियों के प्रबंधन जैसे प्रमुख मुद्दों को बैठक में रखा। पर्यावरण स्थायी समिति के अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली, निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) कचरे के निपटान, शुद्ध जल के उपयोग, हरित आवरण के विस्तार, वायु प्रदूषण नियंत्रण और सिंगल-यूज प्लास्टिक पर रोक से जुड़े मुद्दे उठाए। शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग शिक्षा स्थायी समिति के अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने शिक्षकों पर बढ़ते गैर-शिक्षण कार्यभार, पदोन्नति में हो रही देरी, निर्णय लेने की धीमी प्रक्रिया, कौशल-आधारित पाठ्यक्रमों की शुरुआत और खेल सुविधाओं के सुधार को लेकर चिंताएं जताईं। कला, संस्कृति, पर्यटन और विरासत स्थायी समिति के अध्यक्ष हर्मोहिंदर सिंह लक्की ने पर्यटन विकास के लिए अंतर-विभागीय समन्वय और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रशासक ने बेहतर क्रियान्वयन तंत्र सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। परिवहन स्थायी समिति के अध्यक्ष विजय पाल ने ऑटो-रिक्शा के लिए समर्पित पार्किंग व स्टॉप, इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत प्रोत्साहनों का विस्तार, साइकिल ट्रैक में सुधार और ई-बस संचालन से जुड़े रोजगार संबंधी मुद्दों को उठाया। खेल स्थायी समिति के अध्यक्ष संजय टंडन ने नकद पुरस्कार और छात्रवृत्तियां, इनडोर खेल सुविधाओं का विकास, शतरंज केंद्रों की स्थापना, योग गतिविधियों का प्रचार और स्कूल खेल मैदानों के बेहतर उपयोग पर सुझाव दिए। शहरी अवसंरचना और स्वास्थ्य सेवाओं पर मंथन शहरी अवसंरचना एवं नगर नियोजन स्थायी समिति के अध्यक्ष अनुप गुप्ता ने भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अवसंरचना विकास, व्यापार सुगमता, स्मार्ट पार्क, खेल सुविधाओं का विस्तार, बेहतर विक्रेता समाधान और कंक्रीट सड़कों की कनेक्टिविटी पर जोर दिया। स्वास्थ्य स्थायी समिति के अध्यक्ष राज बहादुर ने भर्ती संबंधी समस्याओं के कारण विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं में हो रही देरी की समीक्षा की। शहर से सटे इलाकों के विकास से जुड़ी स्थायी समिति के अध्यक्ष सुभाष चावला ने शहर के प्रवेश रास्तों को बेहतर बनाने, सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड में सुविधाएं बढ़ाने, एक अस्थायी पुलिस चौकी बनाने और पड़ोसी राज्यों से चंडीगढ़ में आने वाले आवारा मवेशियों पर रोक लगाने की जरूरत बताई।

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