चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच द्वारा 22 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किए गए फर्जी मेजर का केस क्राइम ब्रांच से लेकर ऑपरेशन सेल को ट्रांसफर कोर्ट द्वारा कर दिया गया था। जिसके बाद केस की पूरी फाइल ऑपरेशन सेल के पास पहुंच गई है और ऑपरेशन सेल ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है। इसके चलते पुलिस जेल में बंद आरोपी गणेश भट्ट को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आ सकती है। इससे पहले क्राइम ब्रांच ने भी कोर्ट में दो बार 7-7 दिन का पुलिस रिमांड लेने के लिए याचिका डाली थी। लेकिन कोर्ट ने दोनों बार याचिका को खारिज कर दिया था। क्योंकि आरोपी द्वारा क्राइम ब्रांच पर उसे हिरासत के दौरान थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाया गया था। बड़े अफसरों से भी था उठना-बैठना सूत्रों से पता चला है कि आरोपी गणेश भट्ट का पुलिस के बड़े अफसरों के साथ भी उठना-बैठना रहा है। यही नहीं, कुछ अफसरों के साथ खाना खाने तक की चर्चा पुलिस विभाग के अंदर ही चल रही है। अब जांच क्राइम ब्रांच से ट्रांसफर होकर ऑपरेशन सेल के पास आ चुकी है। पुलिस द्वारा अब गणेश की कॉल डिटेल भी खंगाली जाएगी। उसमें कई पुलिस के बड़े अफसरों से हुई बात का भी खुलासा होगा कि वह किन-किन अफसरों के संपर्क में रहा और उनके साथ उसकी लोकेशन दिन और रात के किस समय की आ रही है। सीसीटीवी करवाई प्रिजर्व आरोपी के वकील निखिल के. वशिष्ठ ने बताया कि उन्होंने कोर्ट में अर्जी देकर कहा था कि सेक्टर-16 अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज को प्रिजर्व करवा दिया जाए। जिसके बाद उसे प्रिजर्व करवा दिया गया है। इससे केस में उन्हें काफी मदद मिलेगी। थर्ड डिग्री टॉर्चर के आरोप आरोपी के वकील निखिल के. वशिष्ठ ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गणेश भट्ट को थर्ड डिग्री टॉर्चर किया। इसके बाद सेक्टर-16 के एसएमओ ने मेडिकल बोर्ड बनाकर उसका मेडिकल करवाया और रिपोर्ट कोर्ट को भेजी। रिपोर्ट के मुताबिक, गणेश भट्ट के कान में चोट, आंख, हाथ-पैर और गाल पर सूजन और शरीर पर छोटे-छोटे चोट के निशान पाए गए। कोर्ट ने DGP से मांगी थी रिपोर्ट महिला कॉन्स्टेबल से 5 लाख की ठगी के मामले में गिरफ्तार नकली मेजर गणेश भट्ट को रिमांड पर लेने की क्राइम ब्रांच की अर्जी जिला अदालत ने खारिज कर दी। पिछली सुनवाई में अदालत ने डीजीपी से रिपोर्ट भी मांगी थी कि यह केस क्राइम ब्रांच से हटाकर किसी और थाने को क्यों न दिया जाए। वजह ये है कि खुद क्राइम ब्रांच पर सवाल उठ रहे हैं- एक तो इस ठगी में क्राइम ब्रांच के ही एक इंस्पेक्टर पर आरोप हैं, दूसरा, आरोपी गणेश ने पुलिस पर थर्ड डिग्री टॉर्चर और मारपीट के आरोप लगाए हैं। यूनिफॉर्म करनी है बरामद पुलिस रिमांड लेने के दौरान क्राइम ब्रांच की और से जिला अदालत को बताया गया था कि आरोपी गणेश भट्ट को जयपुर ले जाकर उसकी आर्मी यूनिफॉर्म बरामद करनी है। इसके अलावा उसका मोबाइल गुरुग्राम से और उसके बैंक अकाउंट्स की भी जांच करनी है। वहीं, आरोपी के वकील निखिल के. वशिष्ठ ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि गणेश को झूठे केस में फंसाया जा रहा है और पुलिस झूठी कहानी बनाकर उसका रिमांड लेना चाहती है। वकील ने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी पुलिस ने हिरासत में गणेश के साथ मारपीट की थी।


