चंडीगढ़ में एक व्यक्ति से 85 लाख रुपए की धोखाधड़ी:साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट किया था, आरोपी इंदौर से गिरफ्तार

हरियाणा सरकार में डीएलआर विभाग से ज्वाइंट डायरेक्टर पद से रिटायर अमरनाथ चावला को डिजिटल अरेस्ट कर उससे 85 लाख रुपए की ठगी करने के मामले में चंडीगढ़ साइबर सेल ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित गुप्ता निवासी उज्जैन रोड, सावर रोड पंचदरिया, इंदौर (मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। मामले में आरोपी के खिलाफ साइबर सेल सेक्टर-17 पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 308(2), 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता चंडीगढ़ के मनीमाजरा में रहते हैं। मामला अभी शुरुआती जांच में है। बरामद डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच, पैसों की पूरी मनी ट्रेल और गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए आरोपी की कस्टोडियल रिमांड जरूरी बताई जा रही है। साइबर क्राइम पुलिस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने में जुटी हुई है। ऐसे दिया गया डिजिटल अरेस्ट का डर पुलिस को दी शिकायत में चावला ने बताया कि उन्हें अलग-अलग नंबरों से कॉल कर खुद को टेलीकॉम अथॉरिटी ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक और विजिलेंस विभाग का अधिकारी बताया गया। आरोपियों ने उसे फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग केस में डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी और कार्रवाई से बचाने के नाम पर तथाकथित “प्रायोरिटी इनोसेंस सर्टिफिकेट” दिलाने का झांसा दिया। डिजिटल अरेस्ट के डर और धोखे में आकर शिकायतकर्ता ने आरोपियों के बताए अनुसार कई बार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। इस तरह कुल 85 लाख रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया। जांच में सामने आए बैंक ट्रांजैक्शन जांच के दौरान सामने आया कि 39 लाख और 11 लाख रुपए की दो बड़ी रकम बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में जमा हुई, जो आरोपी अंकित गुप्ता के नाम पर है। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से इंदौर में दबिश दी। उज्जैन रोड इलाके से आरोपी अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से बैंक ऑफ बड़ौदा खाते की चेकबुक भी बरामद की गई, जिसे कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *