चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कई दिनों से सड़कों पर कांग्रेस पार्टी प्रदर्शन कर रही है, वहीं अब चंडीगढ मेयर हरप्रीत कौर बबला समेत सभी पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि टैक्स वृद्धि वापस नहीं ली गई तो वे सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे। पार्टी की ओर से सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय ‘कमलम्’ में प्रदेशाध्यक्ष जतिंदरपाल मल्होत्रा की अध्यक्षता में एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें यह फैसला लिया गया। बैठक में तय हुआ कि पार्टी प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उन्हें इस मुद्दे से अवगत करवाएगा। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों पर निगम के कार्यों में अड़चन डालने का आरोप भी लगाया गया। खर्च कम करें जनता पर बोझ न डालें मेयर हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि नगर निगम और प्रशासन को चाहिए कि खर्चों में कटौती करे न कि जनता पर टैक्स का बोझ डाले। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम की वित्तीय मदद बंद कर दी गई है और मनमर्जी से टैक्स बढ़ा दिए गए हैं, जबकि हाउस मीटिंग में इस एजेंडे को रिजेक्ट कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल से कोई विकास कार्य नहीं हुआ, जबकि प्रशासन सिर्फ रेवेन्यू लेने में रुचि दिखा रहा है। मेयर ने कहा सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट्स की देखरेख और अन्य छोटे कामों की जिम्मेदारी तो निगम पर है, लेकिन इन कार्यों से आने वाला रेवेन्यू प्रशासन के पास चला जाता है। उन्होंने लंबे समय से आर.एल.ए. विभाग को निगम को स्थानांतरित करने की मांग का भी जिक्र किया, जिसे लगातार नजरअंदाज किया गया। बिना परामर्श लिया गया फैसला प्रदेशाध्यक्ष जतिंदरपाल मल्होत्रा ने कहा कि बिना किसी व्यापक परामर्श और समीक्षा के यह फैसला लिया गया है, जो पूरी तरह अव्यवहारिक है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी और जरूरत पड़ी तो शहर में जन आंदोलन छेड़ा जाएगा। कांग्रेस पहले दिन से विरोध में चंडीगढ़ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एच.एस. लक्की ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही इस टैक्स बढ़ोतरी के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल बयानबाजी करती है, जबकि कांग्रेस पहले ही सभी दलों को एकजुट होकर इस्तीफा देने का प्रस्ताव दे चुकी थी। लक्की ने कहा कि यह टैक्स गरीब जनता पर आर्थिक बोझ है और कांग्रेस इसके खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।


