चंडीगढ़ में कॉपीराइट उल्लंघन के एक मामले में फोनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड (PPL इंडिया) ने सेक्टर-26 स्थित एक क्लब के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच में पाया गया कि क्लब में बिना वैध लाइसेंस के सार्वजनिक रूप से कॉपीराइट वाली साउंड रिकॉर्डिंग बजाई जा रही थी। कार्रवाई से पहले कंपनी ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी और पुलिस के साथ क्लब में जांच की। जांच के दौरान कॉपीराइट उल्लंघन की पुष्टि होने पर सेक्टर-26 थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी गई। इसके बाद पुलिस ने क्लब के मालिकों, निदेशकों और संचालन से जुड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। बिना लाइसेंस चल रहे क्लबों की जांच होगी इस कार्रवाई के दौरान कंपनी की ओर से एडवोकेट उज्जवल भसीन भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि शहर में ऐसे कई क्लब और व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं, जो बिना लाइसेंस कॉपीराइट म्यूजिक का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे सभी स्थानों की जांच की जा रही है और जहां भी उल्लंघन पाया जाएगा, वहां कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी क्लब या प्रतिष्ठान में जांच से पहले संबंधित क्षेत्र की पुलिस को सूचना दी जाती है और पुलिस के साथ ही कार्रवाई की जाती है। एडवोकेट भसीन ने कहा कि फोनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड (PPL) देश और विदेश की 450 से ज्यादा बड़ी म्यूजिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है। यह संस्था अपने सदस्यों के संगीत को सार्वजनिक रूप से बजाने के अधिकारों की सुरक्षा करती है। उन्होंने साफ कहा कि जो भी क्लब, बार, सैलून, रेस्टोरेंट या अन्य व्यवसायिक जगहें बिना लाइसेंस संगीत चलाती पाई जाएंगी, उनके खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती रहेगी अब जानिए क्या है कॉपीराइट कॉपीराइट एक कानूनी अधिकार होता है, जो किसी व्यक्ति या संस्था को उसके बनाए गए काम पर मिलता है। जैसे कोई गाना, फिल्म, किताब, लेख, फोटो, वीडियो, सॉफ्टवेयर या म्यूजिक। जिस व्यक्ति या कंपनी ने यह बनाया है, वही उसका असली मालिक होता है। बिना उसकी अनुमति के उस काम को कॉपी करना, चलाना, बेचना या इस्तेमाल करना कॉपीराइट उल्लंघन कहलाता है। भारत में कॉपीराइट से जुड़ा कानून कॉपीराइट एक्ट, 1957 है। इस कानून का मकसद यह है कि रचनाकारों और म्यूजिक कंपनियों के अधिकार सुरक्षित रहें और कोई भी उनके काम का गलत इस्तेमाल न कर सके। बिना लाइसेंस गाने बजाना, फिल्म दिखाना या म्यूजिक का व्यवसायिक उपयोग करना कानूनन अपराध है।


