चंडीगढ़ के सेक्टर 17 में स्थित एक बिल्डिंग में वीरवार अचानक आग लग गई सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम और डीजीपी राजकुमार मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया भी मौके पर पहुंचे। स्थिति गंभीर होती देख वरिष्ठ अफसरों ने गृह मंत्रालय को सूचित किया। तुरंत बाद एनडीआरएफ की टीम पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया गया। डॉक्टरों की टीम भी पहुंची और फायर ब्रिगेड की बड़ी सीढ़ी की मदद से एक जवान बिल्डिंग की ऊपरी मंज़िल तक पहुंचा। साथ ही, कुछ जवानों ने दीवारें तोड़कर नीचे से रास्ता बनाया। बच्चे को निकाला बाहर भीतर फंसे कई लोगों को स्ट्रेचर पर निकालकर मेडिकल सुविधा दी गई। इस दौरान एनडीआरएफ को पता चला कि ऊपर की मंजिल पर एक छोटा बच्चा भी फंसा हुआ है। तुरंत एक स्पेशल रेस्क्यू टीम ऊपर गई। कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को जवान ने अपनी कमर से रस्सी के सहारे बांधा और सुरक्षित नीचे उतारा। बच्चे को फौरन चिकित्सा दी गई और कुछ देर बाद उसे होश भी आ गया। मशीन से रास्त बनाकर लोगों को निकाला बचाव कार्य के दौरान यह भी सामने आया कि अंदर कई अन्य लोग भी फंसे हुए थे, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल थे। एनडीआरएफ ने मशीन से रास्ता काटकर बनाते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। मॉक ड्रिल की तैयारियों की जांच की बाद में प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई असल में एक मॉक ड्रिल थी, जिसका उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में सभी विभागों की तैयारियों की जांच करना था। यह ड्रिल पूरी तरह सफल रही और सभी एजेंसियों का रिस्पॉन्स समय सराहनीय रहा।


