चंडीगढ़ पुलिस की एएनटीएफ यानी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने चंडीगढ़ में ड्रग पैडलर पर कार्रवाई करते हुए 3 ड्रग पैडलर पर PITNDPS एक्ट लगाकर उन्हें जेल भेज दिया है। इससे पहले भी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स तीन ड्रग पैडलर को जेल भेज चुकी है। यह कार्रवाई डीएसपी धीरज कुमार की सुपरविजन में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर हरमिंदर जीत सिंह की अगुआई वाली टीम ने की। इसके आदेश चंडीगढ़ के होम सेक्रेटरी मंदीप बराड़ द्वारा दिए गए। आगे भी शहर में ड्रग पैडलर की एक और सूची तैयार की जा रही है, जिन पर जल्द शिकंजा कसा जाएगा और उन्हें जेल भेजा जाएगा। बता दें कि इस एक्ट के तहत आरोपी को एक साल तक जेल में रखा जा सकता है। बता दें कि भारत सरकार ने 1988 में PITNDPS अधिनियम लागू किया था। इसका मकसद देश में नशे और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर रोक लगाना है। इस कानून के तहत, जो लोग नशे के कारोबार या तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं, उन्हें हिरासत में लेने का प्रावधान है, ताकि वे दोबारा ऐसी गतिविधियां न कर सकें। इन पर लगा PITNDPS एक्ट एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने ड्रग पैडलर पर कार्रवाई करते हुए आरोपी रामकृष्ण पर PITNDPS एक्ट लगाया। रामकृष्ण चंडीगढ़ के मनीमाजरा का रहने वाला है और उसके खिलाफ कुल 9 केस दर्ज हैं। इनमें पुलिस स्टेशन आईटी पार्क में 8 और मनीमाजरा पुलिस स्टेशन में 1 केस दर्ज है। दूसरा आरोपी दिशांत मित्तल है, जिसके खिलाफ कुल 9 केस दर्ज हैं। उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन 36 और पुलिस स्टेशन 19 में 2 केस, सारंगपुर में 1 केस, पुलिस स्टेशन 17 में 1 केस, पंचकूला सेक्टर-14 पुलिस स्टेशन में 1 केस, पिंजौर पुलिस स्टेशन में 1 केस और पुलिस स्टेशन 26 में 2 केस दर्ज हैं। तीसरा आरोपी दीपक मित्तल उर्फ विक्की, सेक्टर-45सी का रहने वाला है। वह हेरोइन तस्करी के कई मामलों में आरोपी रहा है, उस पर पहले भी कई केस दर्ज हो चुके हैं और वह नशे के नेटवर्क का हिस्सा माना जाता है। पुलिस के मुताबिक विक्की की वजह से कई युवा नशे की गिरफ्त में आए। आरोपी के खिलाफ कुल 8 केस दर्ज हैं, जिनमें पुलिस स्टेशन 34 में 6, पुलिस स्टेशन 49 में 1 और पुलिस स्टेशन 11 में 1 केस दर्ज है। दो पहले भेजे जो चुके जेल पुलिस ने आदतन अपराधी और कुख्यात नशा तस्कर डड्डूमाजरा कॉलोनी के 37 वर्षीय गगन उर्फ गोगी को पिट एनडीपीएस एक्ट, 1988 के तहत हिरासत में लिया है, पुलिस ने आरोपी को बुडै़ल जेल भेज दिया है। इससे पहले नशे के कारोबार में कुख्यात ‘ड्रग्स क्वीन’ कही जाने वाली बाला को यही एक्ट लगाकर एक साल के लिए जेल में भेजा था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक. – वर्ष 2017 और 2019 में थाना मलोया। – वर्ष 2023 में पिंजौर थाना। – वर्ष 2024 में थाना मलोया। – वर्ष 2025 में एएनटीएफ चंडीगढ़। बाला पर 36 केस, 24 नशे से जुड़े प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आदेश के तहत ड्रग्स तस्कर बाला अब पूरा एक साल जेल में रहेगी। पुलिस रिकॉर्ड बताता है कि बाला पर अब तक कुल 36 आपराधिक केस दर्ज हैं, जिनमें से 24 मामले नशे की सप्लाई और बिक्री से जुड़े हैं। महिला होकर भी बनी नशे के कारोबार की ‘क्वीन’ बाला का केस नशे की दुनिया में महिलाओं की सक्रिय भूमिका को भी उजागर करता है। आमतौर पर महिलाएं ड्रग्स नेटवर्क में पर्दे के पीछे रहती हैं, लेकिन बाला ने खुद को ‘क्वीन ऑफ ड्रग्स’ के रूप में पेश किया। वह खुद नशे के सौदागरों से सौदे करती थी और कई बार डिलीवरी तक करने जाती थी।


