साइबर ठगों ने खुद को CBI और मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर चंडीगढ़ के एक दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर लिया और मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर उनसे 38 लाख रुपए ठग लिए। मामले में चंडीगढ़ सेक्टर-17 साइबर सेल ने रायपुर खुर्द के रहने वाले कृष्ण चंद की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। ठगों ने दंपती को दो दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा। रायपुर खुर्द निवासी कृष्ण चंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 7 जनवरी की शाम करीब 5.50 बजे उनके मोबाइल फोन पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को कोलाबा पुलिस स्टेशन, मुंबई से बताया और कहा कि उनका आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में इस्तेमाल हुआ है और बोले कि आपके अरेस्ट वारंट निकल चुके हैं, कभी भी आपकी गिरफ्तारी हो सकती है। जल्द ही इसे लेकर पूरी जानकारी चंडीगढ़ पुलिस के साथ भी साझा कर दी जाएगी। जिसे सुनकर दंपती डर गए। वर्दी पहनकर वीडियो कॉल, गिरफ्तारी वारंट भेजा शिकायत में बताया गया कि ठगों ने वॉट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए पुलिस की वर्दी पहनकर बातचीत की और गिरफ्तारी वारंट सहित अन्य दस्तावेज भी भेजे। आरोपियों ने पीड़ित की पत्नी पिंकी को भी वीडियो कॉल कर गिरफ्तारी का डर दिखाया। कुछ देर बाद एक अन्य नंबर से कॉल कर खुद को CBI डायरेक्टर बताने वाले व्यक्ति ने भी दंपती को धमकाया। वीडियो कॉल में पीछे का एरिया पुलिस स्टेशन जैसा लग रहा था और उसी दौरान वह किसी को धमकाते हुए नजर आ रहे थे, जिसे देखकर वे पूरी तरह डर गए। उन्होंने उन्हें कहा कि वीडियो कॉल बंद मत करना, आप पर नजर रखी जा रही है। डर और दबाव में ट्रांसफर किए 38 लाख कृष्ण चंद ने पुलिस को बताया कि लगातार मानसिक दबाव और डर के माहौल में आकर पीड़ित ने अपने केनरा बैंक खाते से आरटीजीएस के माध्यम से, होम ब्रांच जीरकपुर, पंजाब से चेक के जरिए कुल 38 लाख रुपए ठगों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित के मुताबिक 7 जनवरी की शाम से 8 जनवरी की शाम तक ठग लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए उनकी निगरानी करते रहे और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे।


