चंडीगढ़ के एक प्राइवेट कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर (बोटनी) उदय भान सिंह को छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों पर तुरंत नौकरी से निकाल दिया गया। यह कार्रवाई कॉलेज की इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (ICC) की विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद की गई। छात्राओं की शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि उदय भान सिंह ने सोशल मीडिया और वॉट्सऐप के जरिए उन्हें आपत्तिजनक मैसेज भेजे, निजी जिंदगी में दखल दिया और कई बार व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए दबाव बनाया। कुछ छात्राओं ने बताया कि प्रोफेसर ने एनएसएस गतिविधियों का बहाना बनाकर उनसे संपर्क किया और गलत व्यवहार किया। छात्राओं के बयान शपथपत्र के साथ दर्ज इंटरनल कमेटी ने सभी शिकायतें लिखीं और छात्राओं के बयान शपथपत्र के साथ दर्ज किए। डिजिटल संदेशों और अन्य साक्ष्यों की जांच में आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, उदय भान सिंह का व्यवहार एक शिक्षक के पद की गरिमा के खिलाफ और पूरी तरह अस्वीकार्य था। गवर्निंग बॉडी ने रिपोर्ट देखी और माना कि सभी आरोप सही हैं। उन्हें जवाब देने का पूरा मौका दिया गया, लेकिन उनके स्पष्टीकरण में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया जिससे आरोपों को खारिज किया जा सके। इसके बाद गवर्निंग बॉडी ने तत्काल बर्खास्तगी का निर्णय लिया और उनके सभी लाभ भी रद्द कर दिए। कार्रवाई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि यह कार्रवाई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है। कॉलेज में छात्रों और स्टाफ के लिए सुरक्षित माहौल सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह संदेश स्पष्ट है कि किसी भी शिक्षक द्वारा छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कॉलेज प्रबंधन ने यह भी कहा कि उदय भान सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग किया और छात्राओं को मानसिक तनाव में रखा। यह मामला कोई साधारण विवाद नहीं है, बल्कि नाबालिग और युवा छात्राओं के साथ यौन शोषण का गंभीर मामला है।


