नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की चंडीगढ़ जोनल यूनिट और पंजाब पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में क्रॉस-बॉर्डर हेरोइन तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। दो दिन तक चले इस ऑपरेशन में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 150 ग्राम से अधिक हाई-प्योरिटी हेरोइन बरामद की गई है। मोहाली, खरड़ और तरनतारन में छापेमारी एनसीबी को ट्राइसिटी इलाके, खासकर खरड़ में बड़े पैमाने पर हेरोइन की तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद 30 जनवरी को एक साथ कार्रवाई शुरू की गई।
टीमों ने मोहाली, खरड़ और बॉर्डर जिला तरनतारन में 10 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की। इन ठिकानों का इस्तेमाल नशे की खेप छिपाने और सप्लाई के लिए किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पांच अहम ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया गया। वहीं, नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है। ऐसे दबोचे आरोपी इस कार्रवाई में एनसीबी और पंजाब पुलिस ने एक नई और इंटेलिजेंस-आधारित रणनीति अपनाई, जिसे ‘पैन टू पोर्ट/बॉर्डर’ नाम दिया गया। इस रणनीति के तहत जांच की शुरुआत सीधे बड़े तस्करों से नहीं, बल्कि सड़क स्तर पर नशा बेचने वाले छोटे सप्लायरों से की गई। पहले चरण में 1–2 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़े गए छोटे पेडलरों से पूछताछ की गई। पूछताछ के आधार पर 10 ग्राम या उससे अधिक मात्रा रखने वाले मिड-लेवल सप्लायरों तक पहुंच बनाई गई। अंत में 100 ग्राम से ज्यादा हेरोइन के साथ एक बड़े सप्लायर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में इस सप्लायर ने खुलासा किया कि हेरोइन की सप्लाई बॉर्डर इलाकों से होती थी, खासतौर पर तरनतारन जिले के जरिए नेटवर्क चलाया जा रहा था। पाकिस्तान बॉर्डर से कनेक्शन की पुष्टि एनसीबी की जांच में इस नेटवर्क के तार भारत-पाक सीमा से जुड़े हुए हैं। हेरोइन की खेप बॉर्डर एरिया से पंजाब में दाखिल की जाती थी और फिर ट्राइसिटी समेत अन्य इलाकों में सप्लाई की जाती थी।
अब जांच एजेंसियों का फोकस बॉर्डर इलाके में सक्रिय मुख्य सप्लायरों और फाइनेंसरों तक पहुंचने पर है, ताकि पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके। एनसीबी चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने साफ किया है कि ड्रग फ्री भारत 🇮🇳 के लक्ष्य के तहत इंटेलिजेंस-आधारित ऑपरेशन और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के जरिए नशे के कारोबार पर लगातार शिकंजा कसा जाएगा।


