चंडीगढ़ पीजीआई के डर्मेटोलॉजी विभाग ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठ उपलब्धि साबित करते हुए दुनिया की टॉप 20 यूनिवर्सिटी डर्मेटोलॉजी रैंकिंग में स्थान हासिल किया है। यह रैंकिंग एडुरैंक नामक स्वतंत्र और पारदर्शी वैश्विक रैंकिंग एजेंसी द्वारा जारी की गई है। जिसमें रिसर्च काम और साइंस से जुड़ी रिपोर्टों के आधार पर दुनियाभर की 14 हजार 131 यूनिवर्सिटियों की रैंकिंग की गई। इस सूची में डर्मेटोलॉजी विषय में कुल 1 हजार 885 यूनिवर्सिटी को रैंक किया गया, जिसमें पीजीआई का डर्मेटोलॉजी विभाग विश्व स्तर पर 19वें स्थान पर रहा। पूरे एशिया में नंबर वन एडुरैंक की सूची में पीजीआई ने लगातार भारत ही नहीं, पूरे एशिया में पहला स्थान बनाए रखा है। विभागाध्यक्ष डॉ. अजय हांडा ने इस सफलता का श्रेय अपनी मजबूत टीम को देते हुए कहा कि यह सम्मान उनकी कड़ी मेहनत और टीम भावना का परिणाम है। डॉ. हांडा ने बताया कि उनकी टीम में 8 कंसल्टेंट्स शामिल हैं। डॉ. दविंदर परसाद, सुनील डोगरा, दीपांकर डे, सेंधिल कुमारन, तरुण नारंग, राहुल महाजन, विनय केशवमूर्ति और विनोद शर्मा शामिल है, जो उच्च स्तरीय रिसर्च कार्य और क्लिनिकल सेवा में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। इनके साथ-साथ विभाग में कार्यरत सीनियर रेजिडेंट्स की टीम भी बराबर की भागीदार है, जो इस सफलता की रीढ़ हैं। दुनिया के टॉप 18 संस्थानों में 14 अमेरिका से एडुरैंक की रैंकिंग में पीजीआई से ऊपर जो 18 संस्थान हैं, उनमें से 14 अमेरिका से हैं। जिनमें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, जॉन्स हॉपकिन्स, मेयो क्लिनिक, माउंट सिनाई जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं। शेष 4 संस्थान यूरोप से हैं। जिनमें यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन और चारिटे बर्लिन जैसे नाम शामिल हैं। डॉ. हांडा ने बताया कि डर्मेटोलॉजी विभाग में प्रतिदिन औसतन 450 मरीज ओपीडी में आते हैं। इसके बावजूद उनकी टीम ने रिसर्च और अकादमिक गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं किया। यह रैंकिंग इस बात का प्रमाण है कि सीमित संसाधनों में भी भारतीय संस्थान विश्व स्तर पर पहचान बना सकते हैं।


