चंडीगढ़-PU पर पंजाब के पूर्ण अधिकार की मांग:पंजाब मोर्चा कन्वीनर बोल-छात्रों को नुकसान उठाना पड़ा, हिमाचल CM के बयान को ‘बचकाना’ बताया

रोपड़ में पंजाब मोर्चा के कन्वीनर गौरव राणा ने पंजाब यूनिवर्सिटी मुद्दे पर मिली जीत के बाद चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी पर पंजाब के पूर्ण अधिकार की मांग की है। उन्होंने इस जीत को ‘हर पंजाबी की अस्मिता की जीत’ बताया और सरकार से इस पर बिना देरी मजबूत फैसला लेने का आग्रह किया। राणा ने आरोप लगाया कि पंजाब-हरियाणा विभाजन के समय तय प्रावधानों के बावजूद हरियाणा ने अब तक अपनी राजधानी नहीं बनाई है। उन्होंने पूर्ववर्ती पंजाब सरकारों पर विधानसभा में दबाव बनाने में विफल रहने का भी आरोप लगाया, जिसके कारण जनता और छात्रों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। चंडीगढ़ में हिस्सेदारी वाले बयान को ‘बचकाना’ बताया उन्होंने हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के चंडीगढ़ में हिस्सेदारी वाले बयान को ‘बचकाना’ बताया। राणा ने कहा कि हिमाचल राज्य बनने के समय अपनी सीमाएं तय कर चुका था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हिमाचल शानन प्रोजेक्ट में पंजाब के पावरकॉम कर्मचारियों को भेजने तक की बात नहीं करता, लेकिन चंडीगढ़ में हिस्सेदारी मांगता है। राज्य की आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए राणा ने कहा कि पंजाब पर पौने तीन लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह कर्ज चार से साढ़े चार लाख करोड़ रुपए तक पहुंचता है, तो हालात और गंभीर हो जाएंगे और राज्य को केंद्र की सख्त शर्तें माननी पड़ सकती हैं। सरप्लस अमाउंट क्लियर करने की मांग राणा ने पंजाब सरकार से तुरंत 200-300 करोड़ रुपए की लंबित राशि जमा करने और सरप्लस अमाउंट क्लियर करने की मांग की। उन्होंने यह भी अपील की कि विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर पंजाब यूनिवर्सिटी को पंजाब के एकाधिकार में लाने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

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