चूरू में होली पर्व पर चंद्रग्रहण के सूतक काल के कारण शहर के सभी मंदिर बंद कर दिए गए। मंदिरों के पट अल सुबह पूजा-अर्चना के बाद बंद किए गए और भगवान की मूर्तियों के सामने पर्दे लगाए गए। शाम को चंद्रग्रहण समाप्त होने के बाद ही मंदिरों में पूजा-अर्चना की जाएगी। पंडित महेंद्र शास्त्री के अनुसार, भारतीय समयानुसार चंद्रग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होकर शाम 05 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। ग्रहण शाम 06 बजकर 47 मिनट पर शुद्ध होगा। चंद्रग्रहण का सूतक मंगलवार सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर प्रारंभ हुआ था। पंडित शास्त्री ने बताया कि चंद्रोदय के समय भारत के सभी स्थानों पर इस ग्रहण का मोक्ष दिखाई देगा, हालांकि इसका प्रारंभ भारत में कहीं भी दृश्यमान नहीं होगा। धर्मशास्त्रों के अनुसार, चंद्रग्रहण का सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि चंद्रग्रहण के दौरान बालक, वृद्ध और रोगी को छोड़कर अन्य लोगों के लिए भोजन वर्जित है। आमजन को भोजन से निवृत्ति के साथ-साथ श्राद्ध और दान जैसे धार्मिक कृत्य भी करने चाहिए। मान्यता है कि ग्रहण काल में जपा गया मंत्र सिद्धिप्रद होता है। सूतक प्रारंभ होने से पहले ही अगुना मोहल्ला स्थित सचियाय माता मंदिर और वीर हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिरों में आरती और पूजन के बाद पट बंद कर दिए गए थे। शाम 6 बजकर 47 मिनट पर ग्रहण शुद्ध होने के बाद मंदिरों में संध्याकालीन पूजन और आरती की जाएगी।


