छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के रामलीला मैदान में जारी 40वें चक्रधर समारोह के छठवें दिन सोमवार की शाम शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलन कर और राजा चक्रधर सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर रायगढ़ घराने की शिष्या एवं युवा नृत्यांगना डॉ. योगिता मांडलिक ने त्रिताल में कथक की प्रस्तुति दी। विशेष रूप से सूरदास के पद “मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो” पर दिए भावों ने पूरे पंडाल को कृष्णमय कर दिया। भरतनाट्यम में महिषासुर मर्दिनी दिल्ली की युवा नृत्यांगना आरोही मुंशी ने भरतनाट्यम में महिषासुर मर्दिनी की शानदार प्रस्तुति दी। इसमें माँ दुर्गा के शांत और रौद्र रूप का अद्भुत चित्रण हुआ। आरोही देश-विदेश के कई मंचों पर प्रस्तुति दे चुकी हैं और अपनी मां व गुरु डॉ. लता मुंशी से भरतनाट्यम की शिक्षा प्राप्त की है। कबड्डी प्रतियोगिता में 21 टीमें इधर मोतीमहल परिसर में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता शुरू हुई। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के कौशल और संघर्ष का शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है।


