चतरा जिले के टंडवा प्रखंड अंतर्गत राहम पंचायत के नावाटांड गांव में बुधवार देर रात हाथियों के एक झुंड ने भारी तबाही मचाई। करीब 10 हाथियों का झुंड देर रात गांव में घुस आया और करीब एक घंटे तक उत्पात मचाया। इस दौरान हाथियों ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया और खेतों में खड़ी फसलों को रौंद डाला। गांव में दहशत का माहौल है और लोग पूरी रात भयभीत रहे। गांव में घुसते ही घरों को बनाया निशाना ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड बुधवार रात करीब 1 बजे गांव में दाखिल हुआ। सबसे पहले उन्होंने घरों को निशाना बनाना शुरू किया। कई कच्चे और पक्के मकानों की दीवारें तोड़ दी गईं और खिड़कियों को भी नुकसान पहुंचा। एक घर की खिड़की तोड़कर हाथी भीतर घुसने ही वाला था, लेकिन गनीमत रही कि समय रहते घरवालों की नींद खुल गई और वे शोर मचाकर किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे। मशाल जलाकर हाथियों को खदेड़ा ग्रामीणों ने मशाल जलाकर और शोर मचाकर हाथियों को गांव से बाहर खदेड़ा। हालांकि, ग्रामीणों में अब भी भय का माहौल बना हुआ है कि कहीं हाथियों का झुंड दोबारा न लौट आए। हाथियों ने घरों में रखा अनाज खा लिया और खेतों में लगी मक्का, धान जैसी फसलों को भी बर्बाद कर दिया। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। हाथियों के हमले के बाद ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को घटना की जानकारी दी है। लोगों की मांग है कि वन विभाग प्रभावित परिवारों को मुआवजा दे और हाथियों को गांव से दूर रखने की ठोस व्यवस्था करे। आते रहते हैं हाथी, मचाते हैं तबाही स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब गांव में हाथियों ने उत्पात मचाया हो। अक्सर जंगली हाथियों का झुंड भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों में घुस आता है। इससे न केवल संपत्ति का नुकसान होता है, बल्कि जान का भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से अपील की है कि हाथियों के हमले से स्थायी समाधान निकाला जाए।


