चतरा कॉलेज का स्टाफ क्वार्टर तोड़ कर बनाया जा रहा है डिजिटल मूवी थिएटर

भास्कर न्यूज| चतरा चतरा जिले के लोगों के लिए उच्च शिक्षा के लिए एक मात्र शैक्षणिक संस्थान चतरा कॉलेज चतरा है। 1961 में स्थापित इस कॉलेज का अस्तित्व संकट में आ गया है। चतरा कॉलेज सिर्फ चतरा जिला ही नहीं बल्कि पुरे लोकसभा क्षेत्र में एकमात्र अंगीभूत डिग्री कॉलेज है। जहां इंटरमीडिएट से लेकर एमए तक की पढ़ाई की व्यवस्था है। 14.30 एकड़ भूमि पर फैले इस कॉलेज का लीज 17 दिसबंर 2024 को समाप्त हो गया है। अब जिला प्रशासन कॉलेज कैंपस को छोड़कर अन्य जमीन पर लीज विस्तारीकरण करने से साफ इंकार कर दिया है। चतरा कॉलेज शहर के नगवां मौजा में खाता नंबर 68 के प्लौट नंबर 673,1178 रकबा 8.92 एकड़, खाता नंबर 68 के प्लौट नंबर 85,1177 रकबा 3.06 एकड़ तथा खाता नंबर 93 के प्लौट नंबर 101,1179 रकबा 2.32 पर संचालित है। इसमें 8.92 एकड़ एरिया में प्रशासनिक भवन, क्लास रूम, परीक्षा भवन आदि निर्मित है। जबकि 5.92 एकड़ एरिया में पहले से स्टाफ क्वार्टर बना हुआ है। जबकि खाली जमीन खेल मैदान के रूप में परती पड़ा हुआ है। जिला प्रशासन ने स्टाफ क्वार्टर सहित सभी खाली जमीन का लीज विस्तारीकरण करने से इंकार कर दिया है। 29 सितंबर 1964 को बिहार सरकार के राजस्व विभाग ने तत्कालीन उपायुक्त के माध्यम से चतरा कॉलेज को शैक्षणिक उद्देश्य के लिए यह जमीन लीज में दिया था। जिला प्रशासन ने कॉलेज प्रबंधन के द्वारा लीज विस्तारीकरण के लिए दिए गए आवेदन को खारिज करते हुए उसपर अपना निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। कॉलेज के कर्मियों के लिए बनाए गए क्वार्टर को जेसीबी से तोड़ दिया गया है। इस जमीन पर डिजिटल मूवी थिएटर का निर्माण कराया जा रहा है। चतरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ मुकेश कुमार झा ने बताया कि चतरा जिले के छात्र छात्राओं के लिए यह दुर्भाग्य की बात है कि पढ़ाई लिखाई के लिए उपलब्ध जमीन पर फिल्म के लिए थिएटर बनाया जा रहा है। जिला प्रशासन के द्वारा शैक्षणिक संस्थान के जमीन का लीज विस्तारीकरण नहीं किया जाना समझ से परे है। उन्होंने कॉलेज की जमीन बचाने के लिए जिले के उपायुक्त से लेकर गवर्नर, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति, स्थानीय सांसद, विधायक, एचआरडी सहित अन्य जन प्रतिनिधियों को आवेदन दिया है। लेकिन कोई भी इस जनहित के मुद्दे पर सामने नहीं आ रहे हैं। चतरा कॉलेज यहां के छात्र छात्राओं के लिए पढ़ाई का एक मात्र साधन है। इस कॉलेज में वर्तमान समय में 10 हजार से अधिक छात्र छात्राएं पढ़ते हैं। यहां इंटरमीडिएट, स्नातक, स्नातकोत्तर के अलावा व्यवसायिक पाठ्यक्रम में बीएड व बीसीए की पढ़ाई होती है। इसके अलावा कॉलेज में इग्नू का भी अध्ययन केंद्र संचालित होता है। चतरा कॉलेज कैंपस के पूर्वी भाग में बने हॉस्टल भवन पहले ही कब्जा किया जा चुका है। वर्ष 2005-06 में उग्रवाद की दंश झेल रहे चतरा जिले को उग्रवाद से बचाने के लिए चतरा में सीआरपीएफ की तैनाती हुई थी। तत्कालीन उपायुक्त ने सीआरपीएफ को चतरा कॉलेज का हॉस्टल एलॉट कर दिया। तब से लेकर 2025 तक कॉलेज हॉस्टल में सीआरपीएफ के जवान रह रहे थे। सीआरपीएफ के जाने के बाद वर्तमान समय में एसएसबी के जवान इस हॉस्टल भवन में अपना कैंप बनाकर रह रहे हैं।

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