चतरा जिले में रविवार को बिजली मरम्मत के दौरान एक बड़ी लापरवाही सामने आई। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर काम करवाने के कारण बिजली मिस्त्री की मौत हो गई। हादसा 22 कोर्ट परिसर और उपायुक्त कार्यालय के पास हुआ, जहां बोकारो निवासी शिशुपाल कुमार बिजली के खंभे पर चढ़कर मेंटेनेंस का काम कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, ठेकेदार ने उन्हें सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराई थी। काम के दौरान अचानक फिसलने से शिशुपाल ऊंचाई से सीधे जमीन पर गिर पड़े, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोग तुरंत उन्हें सदर अस्पताल चतरा लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ठेकेदार ने अस्पताल में शव ले जाने की कोशिश की, पुलिस ने पकड़ा घटना की खबर मिलते ही ठेकेदार अंतु कुमार अग्रवाल भी अस्पताल पहुंचा। मौके का फायदा उठाते हुए उसने शव को अस्पताल से बाहर ले जाकर मामला दबाने की कोशिश की। इसकी सूचना अस्पताल कर्मियों ने तुरंत सदर थाना को दी। जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी ने ठेकेदार की गाड़ी का पीछा किया और उसे पकड़ लिया। पुलिस ने जबरन ले जाए जा रहे शव को वापस अस्पताल में लाकर कब्जे में लिया। इस घटनाक्रम ने ठेकेदार की मंशा पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने भी ठेकेदार पर मजदूरों की सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। सेफ्टी किट मांगते रहे, पर ठेकेदार ने नहीं दिया शिशुपाल के साथ काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि वे लोग लंबे समय से सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन ठेकेदार हमेशा अनदेखी करता रहा। मजदूरों ने कहा कि अगर आज उनके साथी को सेफ्टी बेल्ट और किट दी गई होती, तो उसकी जान बच सकती थी। मृतक शिशुपाल फागु प्रजापति के पुत्र थे और कुन्नू, बोकारो के रहने वाले थे। परिवार को हादसे की खबर मिलते ही मातम छा गया है।


