चतरा जिले के इटखोरी चौक के समीप आधी रात एक होलसेल राशन की दुकान में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई। दुकान इटखोरी थाना क्षेत्र के मलकपुर निवासी अमित कुमार (पिता रामचंद्र साव) की बताई जा रही है। आग इतनी भयावह थी कि दुकान में रखा सारा राशन, फर्नीचर और अन्य सामग्री कुछ ही देर में जलकर नष्ट हो गया। इस घटना में दुकानदार को लगभग तीन लाख रुपए की आर्थिक क्षति हुई है। आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल पाया है। रात में नहीं मिल सकी जानकारी, सुबह ग्रामीणों ने दी सूचना घटना देर रात की होने के कारण दुकानदार अमित कुमार को इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी। सुबह जब स्थानीय ग्रामीणों ने दुकान से धुआं और जले हुए अवशेष देखे, तब उन्होंने अमित कुमार को फोन कर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही अमित कुमार अपने पिता रामचंद्र साव के साथ मौके पर पहुंचे। दुकान की हालत देखकर दोनों स्तब्ध रह गए। चारों ओर जला हुआ सामान और राख ही नजर आ रही थी। अमित कुमार ने बताया कि दुकान में रखा सारा राशन, नकद सामग्री और अन्य जरूरी सामान जलकर खाक हो गया। करीब तीन लाख का नुकसान, दुकान पूरी तरह तबाह दुकानदार के अनुसार, इस अग्निकांड में उन्हें करीब तीन लाख रुपए का नुकसान हुआ है। होलसेल राशन की दुकान होने के कारण बड़ी मात्रा में चावल, दाल, तेल, आटा और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री रखी गई थी। इसके अलावा लकड़ी के रैक, काउंटर और अन्य सामान भी आग की चपेट में आकर नष्ट हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया तो आसपास की अन्य दुकानों में भी आग फैल सकती थी, लेकिन गनीमत रही कि आग सीमित दायरे में ही रही। पुलिस के नहीं पहुंचने पर नाराजगी घटना की जानकारी सुबह पुलिस को दी गई थी। हालांकि, खबर लिखे जाने तक पुलिस के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर दुकानदार और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। अमित कुमार ने बताया कि आग लगने की सूचना देने के बावजूद पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे जांच में देरी हो रही है। स्थानीय लोग आग लगने के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। प्रशासन से मुआवजे की गुहार आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित अमित कुमार ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस दुकान से ही परिवार का भरण-पोषण होता था और अब सब कुछ जलकर खत्म हो गया है। मुआवजा मिलने से ही वह दोबारा अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से पीड़ित दुकानदार को हर संभव सहायता देने की मांग की है।


