चांदी की चमक ने तोड़े रिकॉर्ड:सर्राफा बाजार में चांदी 2.22 लाख प्रति किलो, निवेशकों में उत्साह, ग्राहकी में सुस्ती, तेज गिरावट की आशंका को लेकर डर भी बरकरार

चांदी एक बार फिर निवेश और सर्राफा बाजार की सुर्खियों में है। साल 2025 के आखिरी महीने में चांदी ने ऐसी रफ्तार पकड़ी है, जिसने न केवल सर्राफा कारोबारियों को चौंका दिया, बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी सीधा असर डाला है। बीकानेर सर्राफा बाजार में बुधवार को चांदी के भाव 2 लाख 22 हजार रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए। महज एक दिन में करीब 6 हजार रुपए प्रति किलो की तेजी ने बाजार में हलचल मचा दी। अगर पूरे साल पर नजर डालें तो जनवरी 2025 में चांदी जहां 90,500 रुपए प्रति किलो थी, वहीं दिसंबर के अंत तक यह 145 प्रतिशत से अधिक उछल चुकी है। खास बात यह है कि अकेले दिसंबर महीने में ही चांदी करीब 25 प्रतिशत महंगी हो गई। इतनी तेज बढ़ोतरी ने चांदी को निवेश का आकर्षक विकल्प बना दिया है, लेकिन इसके साथ ही सर्राफा बाजार में ग्राहकी पर ब्रेक भी लगा दिया है। लगातार बढ़ते भावों के बीच बाजार में अलग-अलग धारणाएं बन रही हैं। कोई इसे ढाई लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंचने का अनुमान लगा रहा है, तो कोई तेज गिरावट की आशंका जता रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर चांदी की यह तेजी कहां तक जाएगी और इसका असर बाजार व आमजन पर कितना पड़ेगा। भास्कर इनसाइट- निवेशक खुश, ग्राहक परेशान चांदी की इस रिकॉर्ड तोड़ तेजी ने बाजार को दो हिस्सों में बांट दिया है। निवेशकों के लिए यह तेजी मुनाफे का अवसर बनकर आई है, वहीं आम ग्राहक और छोटे व्यापारी परेशान नजर आ रहे हैं। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि चांदी के गहनों और बर्तनों की मांग में साफ गिरावट आई है। शादी-विवाह और सामाजिक आयोजनों के बावजूद ग्राहक खरीदारी टाल रहे हैं। एक सर्राफा व्यापारी के अनुसार, भाव इतने तेज हैं कि ग्राहक सिर्फ रेट पूछकर लौट जा रहे हैं। पहले जहां 2-3 किलो की खरीद होती थी, अब लोग ग्रामों में खरीद पर आ गए हैं। क्यों बढ़ रही है चांदी…मांग, निवेश और उद्योग का मेल: विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की तेजी के पीछे कई कारण हैं, जिसमें औद्योगिक मांग: सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों में चांदी का उपयोग तेजी से बढ़ा है। निवेश का विकल्प: महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक सोने के साथ-साथ चांदी को भी सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार- वैश्विक स्तर पर चांदी के दामों में मजबूती का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है। बाजार में फिलहाल दो तरह की धारणाएं चल रही हैं। एक वर्ग का मानना है कि अगर यही ट्रेंड रहा तो चांदी ढाई लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है। वहीं कुछ जानकारों का कहना है कि इतनी तेज बढ़ोतरी के बाद मुनाफावसूली आ सकती है, जिससे कीमतों में तेज गिरावट भी संभव है। भास्कर एक्सपर्ट- -रेवंत जाखड़, सर्राफा कारोबारी, बीकानेर चमक बरकरार, लेकिन सतर्कता जरूरी : चांदी की चमक फिलहाल बरकरार है और 2025 में इसने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। हालांकि, इतनी तेज तेजी के बीच बाजार विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि चांदी नई ऊंचाइयों को छूती है या फिर बाजार में ठहराव और गिरावट का दौर शुरू होता है।

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