चाईबासा में संक्रमित रक्त चढ़ने से परिवार HIV पॉजिटिव:दंपती और बच्चा संक्रमित, सदर अस्पताल के ब्लड बैंक स्टाफ पर लगाया आरोप

पश्चिमी सिंहभूम जिले में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से कथित रूप से संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने के बाद एक ही परिवार के तीन सदस्य पति, पत्नी और उनका बच्चा एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। पीड़ित परिवार के अनुसार, जनवरी 2023 में महिला की पहली डिलीवरी चाईबासा सदर अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए हुई थी। प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव होने के कारण अस्पताल के ब्लड बैंक से उसे रक्त चढ़ाया गया था। परिवार का आरोप है कि उसी समय महिला को संक्रमित रक्त दिया गया, जिसके कारण पूरा परिवार बाद में संक्रमण की चपेट में आ गया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब जून 2025 में महिला दूसरी बार गर्भवती हुई। नियमित जांच के दौरान उसकी रिपोर्ट एचआईवी पॉजिटिव पाई गई। इसके बाद जब पति की जांच कराई गई, तो वह भी संक्रमित निकला। 2 जनवरी 2026 को महिला ने दूसरे बच्चे को जन्म दिया। इसी बीच, जब उनका बड़ा बच्चा गंभीर रूप से बीमार पड़ा और उसकी जांच कराई गई, तो वह भी एचआईवी पॉजिटिव पाया गया, जिससे परिवार पूरी तरह टूट गया। केवल आरोपों पर ब्लड बैंक को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं: सिविल सर्जन यह पहली घटना नहीं है। अक्टूबर 2025 में भी इसी ब्लड बैंक से रक्त लेने वाले पांच थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इस पूरे मामले पर पश्चिमी सिंहभूम की सिविल सर्जन डॉ. भारती गोरती मिंज ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि केवल आरोपों के आधार पर ब्लड बैंक को जिम्मेदार ठहराना फिलहाल उचित नहीं होगा। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार को मंगलवार को अस्पताल बुलाया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल रिकॉर्ड, रक्त चढ़ाने की तारीख, ब्लड डोनर की जांच रिपोर्ट और ट्रांसफ्यूजन प्रक्रिया की गहन समीक्षा की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। फिलहाल, पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *