झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को जेपीएससी नियुक्ति घोटाला में चार्जशीटेड आरोपियों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट के जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने याचिकाकर्ता सौरभ प्रसाद व अन्य का पक्ष सुनने के बाद सीबीआई की विशेष कोर्ट द्वारा जारी समन पर रोक लगा दी। अदालत ने हाईकोर्ट का रुख करने वाले आरोपियों के खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी। अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी। मालूम हो कि प्रथम जेपीएससी के सफल अभ्यर्थी सौरभ प्रसाद व अन्य ने सीबीआई कोर्ट के 16 जनवरी 2025 के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जेपीएससी घोटाला में 21 चार्जशीटेड आरोपियों के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत से सीबीआई ने समन जारी होने के बाद खुद या अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में उपस्थित नहीं होने वाले चार्जशीटेड आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी करने का आग्रह किया गया था। इसके खिलाफ याचिकाकर्ता हाईकोर्ट चले गए। सीबीआई जांच रही है दोनों परीक्षा की गड़बड़ी जेपीएससी प्रथम की परीक्षा 2004 में और द्वितीय की परीक्षा 2008 में हुई थी। दोनों परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी उजागर हुई थी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दोनों नियुक्ति परीक्षा की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच करने के बाद चार्जशीट दाखिल किया है। इसके बाद सीबीआई कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया। जेपीएससी प्रथम के दो आरोपी की बेल अर्जी खारिज जेपीएससी प्रथम सिविल सेवा भर्ती घोटाले के चार्जशीटेड दो आरोपियों सुदर्शन मुर्मू एवं स्मृता कुमारी की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने पिछले दिनों सुनवाई के पश्चात आदेश सुरक्षित रख लिया था। सीबीआई कोर्ट ने 16 जनवरी को 47 भ्रष्ट अफसरों समेत 74 लोगों के खिलाफ संज्ञान लेते हुए समन जारी किया है।


