छत्तीसगढ़ में चार साल पहले 6000 इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बिक रही थी, अब एक साल में 25 हजार से ज्यादा गाड़ियां बिक रही हैं। लेकिन चार्जिंग स्टेशन सिर्फ 41 ही हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2025 तक 1.49 लाख से ज्यादा गाड़ियां सड़कों पर दौड़ रही है। राज्यभर में जितनी तेजी से इलेक्ट्रिक गाड़ियां बिक रही हैं, उतनी तेजी से चार्जिंग स्टेशन नहीं खुल रहे हैं। इससे अधिकतर जगहों पर गाड़ी चार्ज करने की परेशानी हो रही है। घरों में गाड़ी को चार्ज करने पर कई तरह के हादसे भी हो रहे हैं। कुछ घटनाओं में लोगों की जान तक गई है। इसलिए अभी सबसे ज्यादा ध्यान नए चार्जिंग स्टेशन खोलने में दिया जा रहा है। राज्यभर में अभी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या 290 ही है। इसमें भी आधे से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जिले में हैं। बाकी पूरे जिलों में आधे स्टेशन हैं। इस साल के अंत तक इस संख्या को बढ़ाकर 500 करने का टारगेट दिया गया है। राज्यभर में 600 से ज्यादा डीलर ई-वाहन बेच रहे हैं। इन सभी डीलर संचालकों से कहा गया है कि वे अपने-अपने शो रुम या जहां से गाड़ी बेची जा रही है वहां कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन तो जरूर बनाए। संचालक नहीं मानेंगे तो यह नियम अनिवार्य कर दिया जाएगा। पेट्रोल पंप संचालकों से भी कहा गया है कि परिसर बड़ा है तो वहां नया चार्जिंग स्टेशन खोला जाए। इसके लिए वो चार्जिंग मशीन लगाने वाली कंपनी से एमओयू भी कर सकती है। राज्य सरकार इसमें उनकी मदद करेगी। 2027 तक ईवी गाड़ियों की संख्या 5 लाख से ज्यादा होगी
परिवहन विभाग के अफसरों का दावा है कि 2027 तक छत्तीसगढ़ में ईवी वाहनों की संख्या पांच लाख से ज्यादा हो जाएगी। इसलिए चार्जिंग स्टेशन खोलने ही होंगे। अभी रायपुर नगर निगम ने निजी कंपनी से एमओयू कर छह से ज्यादा नए चार्जिंग स्टेशन खोले हैं। इसी तरह का काम राज्य के सभी नगर निगम वालों को करना होगा। इसकी लिए निगम आयुक्तों से कहा गया है कि वे ऐसी कंपनियों को ऑफर देकर बुलाएं। इस तरह बढ़ाएंगे नए चार्जिंग स्टेशनों की संख्या
सभी डीलरों को नया चार्जिंग स्टेशन खोलना अनिवार्य किया जाएगा। पेट्रोल पंप वालों को राहत देकर खुलवाएंगे। नेशनल और स्टेट हाइवे में चार्जिंग और बैटरी स्वेपिंग स्टेशन खोलने न्यूनतम किराये पर जमीन देने का प्लान। निगम फ्लाईओवर के नीचे दोपहिया वाहनों के लिए न्यूनतम शुल्क में गाड़ी चार्ज करने नए स्टेशन खोलेगी। सरकारी दफ्तरों की पार्किंग में एक या दो चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे। वहां आने वाले लोग गाड़ी चार्ज कर सकेंगे। लंबी दूरी से बचता हूं
^ मेरे पास जो ईवी कार है, उससे एक बार फुल चार्ज होने पर अधिकतम 200 किमी ही सफर कर सकता हूं। ऐसे में मुझे लंबी दूरी के सफर के लिए ऑप्शन रखा पड़ता है। क्योंकि आपको गरियाबंद जाना हो, बस्तर जाना हो तो एक भी चार्जिंग स्टेशन रास्ते में नहीं है। बाहर जाने के लिए पेट्रोल कार का उपयोग करता हूं।
स्वप्निल मिश्रा, कारोबारी चार्जिंग स्टेशन की कमी
^ मैं एक साल पहले ईवी कार खरीदा था। तब बताया गया था कि एक चार्जिंग में 300 किमी चलेगी, लेकिन डेढ़ सौ किमी से ज्यादा कभी नहीं चली। रायपुर से नोवापाड़ा (ओडिशा) के बीच एक भी चार्जिंग प्वाइंट नहीं है। इस वजह से डर बना रहता है। चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने की बहुत ज्यादा जरूरत है।
चेतन साहू, कारोबारी, रायपुर चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य
^अभी डीलरों को समझाइश दी गई है। नहीं माने तो चार्जिंग स्टेशन खोलना अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसके अलावा कई सरकारी योजनाओं के तहत नए चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे। इसके लिए कई नीतियों पर काम हो रहा है।
डी रविशंकर, अति. परिवहन आयुक्त


