यह प्रेरक कहानी है गांव कासाबाग निवासी टेनिस व साफ्ट बॉल खिलाड़ी सातवीं के स्टूडेंट समरजीत सिद्धू की। कोविड महामारी के दौरान जब खेल के मैदान बंद थे और सभी घरों में कैद थे। उसी समय समरजीत ने घर में पड़े टेनिस के रैकेट से परिवार के साथ खेलना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे रुझान बढ़ा तो पिता ने 2023 में यूनिक टेनिस एकेडमी में दाखिला दिलाया। जहां कोच प्रदीप चोपड़ा की देखरेख में टेनिस के साथ-साथ सॉफ्ट टेनिस भी खेलना शुरू किया। स्टेट सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप (अंडर-14) में पहला स्थान मिला। समरजीत के पिता परमवीर सिंह सिद्धू एडवोकेट हैं, जबकि माता एकनूर कौर गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि तमाम उतार-चढ़ाव आए। समरजीत ने 2024 से डिस्ट्रिक्ट लेवल पर खेलना शुरू किया। हाल ही में देवास (मध्य प्रदेश) में अंडर-14 सॉफ्ट टेनिस नेशनल चैंपियनशिप में वह पंजाब टीम का हिस्सा रहा और टीम ने कांस्य पदक जीता। समरजीत का चयन अगले महीने हरियाणा में होने वाले अंडर-14 स्कूल नेशनल के लिए हो चुका है, जिसमें वह पंजाब का प्रतिनिधित्व करेगा। एकेडमी की शुरुआती साल में चार प्रतियोगिताओं में पहले राउंड से बाहर हो गया, जिससे मैं नर्वस हो गया। कई बार तो वह पूरे दिन एकेडमी में ही बैठा रहता था और सोचता था कि कहां पर गलती कर रहा है। लेकिन कोच प्रदीप चोपड़ा ने हौसला बढ़ाया और प्रैक्टिस का समय तीन से चार घंटे किया। जो पहले से दुगना था। साथ ही फिटनेस पर ध्यान दिया। दो खेलों की ट्रेनिंग के कारण उसकी डाइट पर खास ध्यान दिया। खाना में प्रोटीन, अंडे और चिकन शामिल किया। दो साल से जंक फूड नहीं खाया और कोल्ड ड्रिंक से पूरी तरह दूरी बना रखी है। नतीजा यह हुआ तो उसने डिस्ट्रिक, स्टेट और नेशनल लेवल पर मेडल जीतना शुरू कर दिया। अभी हाल में ही देवास मध्य प्रदेश में आयोजित अंडर-14 सॉफ्ट टेनिस नेशनल चैंपियनशिप में वह पंजाब टीम का हिस्सा रहा और ब्रॉन्ज मेडल जीता।- समरजीत सिद्धू, टेनिस व सॉफ्ट बॉल खिलाड़ी कासाबाग के सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी ने नेशनल (अंडर-14) में जीता कांस्य दो साल से जंक फूड नहीं और कोल्ड ड्रिंक से दूरी


