भास्कर न्यूज | अमृतसर विजिलेंस ने निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर चार एक्टिविस्टों द्वारा निगम में लगाए गए आरटीआई और शिकायतों का रिकार्ड मांगा है। विजिलेंस की ओर से जारी पत्र में लिखा है कि आरटीआई एक्टिविस्ट सुरेश कुमार शर्मा पुत्र ओम प्रकाश निवासी छेहर्टा, एडवोकेट रविंदर, वरुण सरीन, संदीप महाजन और जितेंद्र कुमार के संबंध में यह जानकारी उपलब्ध कराएं। जिसमें बीते 6 माह में निगम कार्यालय में इन्होंने कितने आरटीआई आवेदन लगाए अथवा प्राप्त किए। संबंधित आरटीआई आवेदनों की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, यह भी बताया जाए कि उपरोक्त आरटीआई आवेदनों में से कितने ऐसे आरटीआई आवेदन हैं जिनमें आरटीआई आवेदन करने के बाद आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन शिकायतों के संबंध में भी जानकारी उपलब्ध कराई जाए जिनमें शिकायतकर्ता अपना बयान दर्ज कराने नहीं आया। विजिलेंस ने 4 लाख रिश्वत लेते काबू आरटीआई एक्टिविस्ट सुरेश शर्मा को 3 दिन का रिमांड खत्म होने पर सोमवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया। जहां फिर से वीरवार तक 3 दिन का रिमांड मिला है। विजिलेंस अब सुरेश शर्मा की संपत्ति, बैंक बैलेंस और प्रभावशाली संपर्कों की गहराई से जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक जांच में सुरेश शर्मा के शोरूम, 4 जगह अचल संपत्ति और कई वाहनों का रिकॉर्ड पता लगा है। सुरेश शर्मा ने अपने रसूख के दम पर न सिर्फ नगर निगम और सरकारी अफसरों तक पहुंच थी। विजिलेंस के मुताबिक कई लोगों ने सुरेश शर्मा के खिलाफ शिकायतें दी हैं। ब्लैकमेलिंग और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा। विजिलेंस ने आरटीआई एक्टिविस्ट सुरेश शर्मा को 4 सितंबर को 4 लाख रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।


