भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सेंट्रल जोनल बेंच, भोपाल ने शहर में मवेशियों की समस्या का समाधान नहीं करने पर कलेक्टर, नगर निगम को नोटिस जारी किया। एनजीटी ने चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने तथा छह सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। मामले की अगली सुनवाई 7 अप्रेल को निर्धारित की गई। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह एवं विशेषज्ञ सदस्य ईश्वर सिंह की पीठ ने की। एनजीटी ने पर्यावरणविद बाबू लाल जाजू की याचिका में वर्ष-2017 में पारित आदेशों की पालना नहीं किए जाने को गंभीरता से लिया। अधिकरण ने कलेक्टर एवं नगर निगम को निर्देश दिए कि गोशाला को नगर निगम के प्रबंधन में लेने की प्रक्रिया जल्द प्रारंभ की जाए। शहर में खुले घूम रहे मवेशी यातायात बाधा, सड़क दुर्घटनाओं एवं वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बन रहे हैं। एनजीटी ने जिंदल सॉ को अपनी सीएसआर गतिविधियों के तहत गोशाला के रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए कहा। साथ ही 400 बीघा जमीन एवं गोशाला परिसर में व्यापक पौधारोपण करने के आदेश दिए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के मुद्दे पर नगर निगम की लापरवाही पर नाराजगी जताई। रामधाम से अजमेर चौराहा चित्तौड़गढ़ रोड से अजमेर चौराहा तक करीब 3 किलोमीटर की दूरी में 90 गोवंश नजर आए। रामधाम चौराहा पर नगर निगम के कचरा डंपिंग यार्ड के कारण आधे से ज्यादा गोवंश कचरे के ढेर के आसपास थे। सूचना केंद्र से सीतारामजी की बावड़ी : भास्कर टीम ने सूचना केंद्र चौराहे से सीतारामजी की बावड़ी तक 500 मीटर में हाल देखे तो 40 गोवंश सड़क पर दिखे। हरिशेवा धाम के पीछे भी अस्थाई कचरा स्टैंड पर काफी बुरे हाल थे। यहां 10 से ज्यादा मवेशी थे। कुंभा सर्कल से गोस्वामी सर्कल आजाद नगर क्षेत्र में कुंभा सर्कल से गोस्वामी सर्कल होते हुए मोखमपुरा तक 3 किलोमीटर में 150 गोवंश सड़क और सड़क किनारे खड़े दिखे । दोपहर बाद इस रोड पर ट्रैफिक बढ़ने के साथ ही हादसा होने का डर भी बढ़ जाता है। सूचना केंद्र के पास आवारा गोवंश का जमावड़ा।


