चास आईटीआई मोड़ से उकरीद मोड़ तक बनी फोरलेन सड़क पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद हालात बदतर हैं। सड़क के डिवाइडर पर लगी 60 से अधिक स्ट्रीट लाइट पिछले आठ माह से खराब पड़ी हुई हैं। नतीजा यह है कि रात होते ही इस व्यस्त फोरलेन पर अंधेरा छा जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस सड़क निर्माण पर भूमि अधिग्रहण, पेड़ कटाई, डिवाइडर निर्माण, फूल-पत्ती लगाने और स्ट्रीट लाइट सहित बिजली के खंभे लगाने में करीब 5.21 करोड़ रुपए खर्च किए। सड़क बनने के बाद कुछ ही दिनों तक स्ट्रीट लाइट जली, लेकिन इसके बाद लाइटें बंद हो गईं और अब तक उन्हें ठीक नहीं किया गया। जानकारों के अनुसार इसमें टाइमर आदि लगा दिया गया है। सिर्फ हल्की फॉल्ट के कारण धर्मशाला मोड़ से आईटीआई मोड़ की स्ट्रीट लाइट नहीं जल रही है। धर्मशाला मोड़ तक नई लाइट नहीं, पुरानी भी खराब चेकपोस्ट से धर्मशाला मोड़ तक नई स्ट्रीट लाइटें लगाई ही नहीं गई हैं। यहां पुरानी लाइटें लगी हैं, इनमें से कई पहले से ही खराब पड़े हुए हैं। इस हिस्से में हालात और भी गंभीर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बाद भी यदि सड़क अंधेरे में डूबी रहे तो इसका क्या लाभ। रात के समय तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। लोगों ने पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के बीच जिम्मेदारी तय कर जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करने की मांग की है। मेरी योजना, कितनी हुई मेरी स्ट्रीट लाइट पीडब्ल्यूडी ने हैंडओवर किया, निगम ने नहीं संभाली जिम्मेदारी जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण के साथ डिवाइडर पर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य पीडब्ल्यूडी ने किया था। लाइट जलाने के बाद इस व्यवस्था को नगर निगम को हैंडओवर कर दिया गया। इसके बाद से नगर निगम क्षेत्र में आने वाली इन स्ट्रीट लाइटों की देखरेख की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन पिछले आठ माह से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सिर्फ आईटीआई मोड़ से उकरीद मोड़ ही नहीं, बल्कि चेकपोस्ट से उकरीद मोड़ तक की कई स्ट्रीट लाइटें भी खराब हो चुकी हैं। रात के समय सड़क पर अंधेरा रहने से वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब लोगों को उम्मीद है कि शहर की सरकार बनने के बाद इन समस्याओं का समाधान होगा। जल्द बनाई जाएगी खराब लाइटें : एएमसी इस संबंध में अपर नगर आयुक्त संजीव कुमार ने बताया कि इसकी सूचना मिली है। खराब स्ट्रीट लाइट को बनाने का निर्देश दिया गया है। बहुत जल्द इसकी मरम्मत कर ली जाएगी और लोगों को सुविधा मिलेगी। चास के मोहल्लों की 40% लाइट खराब बरसात के कारण नगर निगम क्षेत्र के सभी 35 वार्डों में तकरीबन 40 प्रतिशत लाइट खराब है। इसमें अधिकतर लाइट स्विच खराब होने अथवा तार की हल्की फॉल्ट के कारण खराब है। सबसे बड़ी बात है कि नगर निगम को शिकायत करने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं की जाती है। इसके लिए नगर निगम को कई बार बताना पड़ता है फिर बनाने वाले पहुंचते हैं। निगम के अधिकारी पूर्व प्रतिनिधियों की भी नहीं सुनते। खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट।


