समस्याओं का अंबार, लेकिन सुध नहीं लेते स्थानीय जनप्रतिनिधि; परेशान रहते हैं लोग

वार्ड नं-18बूथ : 3 जनसंख्या 6765 वोटर 4163 महिला 2031 पुरुष 2132 वार्ड नं-17बूथ : 5 जनसंख्या 11254 वोटर 7345 महिला 3567 पुरुष 3778 संकरी गलियों में आवाजाही करते हैं वार्ड 18 के लोग वार्ड नंबर 18 में कई ऐसे गली मुहल्ले हैं, जहां सड़कें इतनी संकरी है कि वहां पर ​अगर किसी तरह के आगजनी की घटनाएं होती है, तो वहां आग बुझाने वाली वाहन भी नहीं पहुंच सकता है। मुहल्ले में किसी की तबियत भी खराब हुई तो हास्पिटल ले जाने के लिए एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाएगा। मुहल्ले में कार, ऑटो वालों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां के कई बिजली पोल पर झूलते तार लोगों को भयभीत करते हैं। क्योंकि हल्की हवाएं चलते ही टूटकर सड़क पर गिरते हैं। वार्ड-18 के लोगों को सप्लाई पानी समय पर नहीं मिलता है।
नाली बनाने से पहले बना दी सड़क, अब हो गई जर्जर वार्ड-17 में मेनरोड चास के महावीर चौक से पुराना बाइपास तक के मुहल्ले आते हैं। यहां की कई गलियों में वर्षों पहले बगैर नाली के ही पहले सड़क बना दिया गया। इससे बरसात में मोहल्ले का पानी सड़क में ही बहता है। सड़क पर पानी बहने से जर्जर हो गई है। वहीं सड़क के बीच में भैंस बैठी रहती है। इस वजह से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मुहल्ले के कई पोल पर बिजली तारों का जाल बिछा है, जो आए दिन टूटकर गिर जाता है। पानी की हालत तो ऐसी है कि पाइप लाइन तो बिछाई गई, लेकिन कनेक्शन नहीं मिला। सड़क से ऊंची बना दी नाली, होता है जलजमाव कई जगहों पर सड़क को ही बना दिया खटाल इस क्षेत्र की मुख्य समस्याएं
इस क्षेत्र की मुख्य समस्याएं
मेरा वार्ड मेरा अधिकार वार्ड स्कैन बोकारो | चास नगर निगम चुनाव की तिथि घोषित होते ही क्षेत्र की जनता जनप्रतिनिधि चुनने के लिए तैयार हैं। इसके लिए जनता ने उम्मीदवारों को जानने के साथ-साथ उनके काम करने के तरीकों को भी जानने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं नगर निगम बनने के बाद भी वार्ड नंबर-17 और 18 में शहरी विकास का असर नहीं पड़ा है। जनप्रतिनिधियों से अपने मुहल्ले के विकास की आस लगाकर बैठे हैं, कि जिन बुनियादी सुविधाओं को लेकर उनके मुहल्ले में आज तक संघर्ष जारी है, शायद इस बार वह खत्म हो जाए।
काम हुआ : कई पीसीसी पथ बने, स्ट्रीट लाइटें लगाई गई, पानी का पाइप लाइन बिछाया गया, ड्रेन सिस्टम को सुधार किया गया। काम हुआ : यहां पर कई पीसीसी पथ बने हैं, स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई, कई गली के ड्रेन सिस्टम सुधार हुए, सप्लाई पानी का कनेक्शन उपलब्ध है।
मोहल्ले : आधा भगवती कॉलोनी, शिवपुरी कॉलोनी, पटेल नगर, मेन रोड चास का आधा हिस्सा है। चौहद्दी : उत्तर में ट्रांसफॉर्मर, दक्षिण में मेनरोड, पूरब में जोरिया, पश्चिम में उर्दू मवि स्कूल है। 5. प्रत्येक दिन कचरा उठाव नहीं होता है। इससे लोग कचरा सड़क किनारे ही फेंकते हैं। 4. खराब पड़े स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हुई है। मांग करने के बाद भी अनसुना किया जा रहा है। 3. यहां की 30 प्रतिशत आबादी को सप्लाई पानी नहीं मिल रहा है। क्योंकि पाइप लाइन में प्रेशर नहीं रहता है। 2. नालियों के कचरों को निकालकर सड़क किनारे ही छोड़ दिया जाता है। इससे राहगीरों को परेशानियां होती है। 1. कई मुहल्लों की सड़कें जर्जर हो चुकी है। कई में तो अभी भी पीसीसी सड़क नहीं बना है। 5. कचरा उठाव के लिए डंप स्थल यहां चयनित नहीं है। इससे जहां-तहां कचरा का ढेर दिखाई पड़ जाएगा। 4. गर्मी में लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। यहां कवर्ड वायर भी नहीं लगाया गया है। 3. ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने के कारण नाली का पानी सड़क में ही बहता है। कई नालियां जर्जर अवस्था में हैं। 2. कई बिजली पोल पर आज भी तार झूल रहे हैं। इससे हल्की भी हवा चलती है तो जर्जर तार टूटकर सड़क पर गिरते हैं। 1. यहां पाइपलाइन बिछा है, फिर भी करीब 30 प्रतिशत लोगों को सप्लाई पानी का कनेक्शन नहीं मिला है। मोहल्ले : मेनरोड के कुछ हिस्से, शिवशिक्त नगर, सुखदेव नगर, शिक्षक कॉलोनी, कैलाश विहार। चौहद्दी : उत्तर में खटाल, दक्षिण में मेनरोड, पूर्व में उर्दू स्कूल, पचिम में तालाब।

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