शिवरात्रि से पहले 13 को विजया एकादशी, होली से पूर्व 27 को रंगभरी एकादशी मनेगी

िसटी रिपोर्टर | बोकारो हिंदी कैलेंडर में प्रत्येक मास दो एकादशी पड़ती है। एक कृष्ण पक्ष और दूसरी शुक्ल पक्ष में। फिलवक्त हिन्दी कैलेंडर का अंतिम फाल्गुन महीना चल रहा है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी महा शिवरात्रि से पूर्व 13 फरवरी को पड़ रही है। जबकि होली से पूर्व 27 फरवरी को रंगभरी एकादशी व्रत रहेगा। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि में पड़ने वाले व्रत को विजया एकादशी भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि विजया एकादशी व्रत करने से जीवन की समस्याओं और बाधाओं का नाश होता है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। पंडित डी के झा के अनुसार विजया एकादशी पर मूल नक्षत्र व पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और सर्वार्थ िसद्धि व बज्र योग का संयोग बन रहा है। 13 फरवरी को पूरे दिन एकादशी रहेगी। दोपहर 3:37 बजे तक मूल नक्षत्र रहेगा। इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रवेश होगा। साथ ही, सर्वार्थ िसद्धि व बज्र यो ग इस एकादशी को खास बना रही है। सूर्य के किसी राशि में जाने पर मनाई जाती है उसकी संक्रांति सूर्य ग्रह एक साल से सभी 12 राशियों का एक चक्कर पूरा कर लेता है, इस वजह से एक वर्ष में 12 संक्रांतियां आती हैं। जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में जाता है तो इसे संक्रांति कहा जाता है। सूर्य जब जिस राशि में जाता है, तब उस राशि के नाम की संक्रांति मनाई जाती है। जैसे सूर्य मकर राशि में जाता है तो मकर संक्रांति मनाई जाएगी। 27 फरवरी को रंगभरी एकादशी पर जिले के श्याम मंदिरों में चढ़ाया जाएगा अबीर व गुलाल फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी 27 फरवरी को है। इसे आमल की एकादशी के साथ रंगभरी एकादशी भी कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि मान्यता है कि रंगभरी एकादशी के दिन ही भगवान शिव माता पार्वती का गौना कराकर पहली बार काशी आए थे। इस खुशी में भगवान के गणों ने अबीर-गुलाल उड़ाया था। इस दिन महादेव और माता पार्वती की विशेष पूजा की जाती है। उन पर रंग-गुलाल, बेल पत्र और फूल अर्पित किए जाते हैं। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है और भगवान विष्णु को आंवला अर्पित किया जाता है। रंगभरी एकादशी पर बोकारो के श्याम मंदिरों में उत्सव मनाया जाएगा। श्रद्धालु खाटू वाले बाबा को गुलाल अर्पित करेंगे। 13 को कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे भगवान भास्कर पंडितों के अनुसार 13 फरवरी को कुंभ की संक्रांति भी रहेगी। इस दिन सूर्य देव सुबह 7:50 बजे कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे और एक माह तक इसी राशि में रहेंगे। सूर्य का कुंभ राशि में प्रवेश करना व्यवसाय के लिए लाभदायक रहेगा। 14 मार्च को चैत्र संक्रांति र हेगी। चंद्रमा सुबह 7:21 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *