चित्तरंजन में एक रेलकर्मी की पत्नी की निर्मम हत्या का मामला अभी भी अनसुलझा है। तीन अप्रैल की रात रेलवे कर्मी प्रदीप चौधरी की पत्नी संचिता चौधरी (56) की हत्या कर दी गई थी। घटना के पांच दिन बाद मंगलवार को दुर्गापुर रिजनल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री की चार सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। टीम ने दो घंटे तक छानबीन की। खून के धब्बे और अन्य महत्वपूर्ण सबूत एकत्र किए। इस घटना ने चित्तरंजन में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतका के शरीर पर सात जगह धारदार हथियार से वार किए गए। गले पर तीन वार किए गए। साथ ही पीठ, सीने और हाथों पर भी गहरे घाव मिले हैं। क्वार्टर का दरवाजा खुला मिला जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। क्वार्टर का दरवाजा खुला मिला और अलमारियां भी खुली थीं। कोई ताला नहीं टूटा था। हत्यारे ने फर्श पर पड़े खून के धब्बे मिटाने की कोशिश की। इसके लिए फिनाइल और हार्पिक का इस्तेमाल किया गया। मौके से एक आधी भरी पानी की बाल्टी भी मिली है। चोरी का कोई सबूत नहीं मिला पुलिस का मानना है कि हत्यारा मृतका का करीबी या परिचित हो सकता है। चोरी का कोई सबूत नहीं मिला है। न ही मोबाइल फोन या सोने के गहनों की चोरी की पुष्टि हुई है।


