एक तरफ जहां पूरे राजस्थान में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर कई जिलों से तनाव, विरोध और आपत्तियों की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर चित्तौड़गढ़ जिले का नाम सकारात्मक कामों के कारण चर्चा में है। चित्तौड़गढ़ में मतदाता सूची के SIR काम को बेहद गंभीरता, पारदर्शिता और नियमों के अनुसार पूरा किया गया। इसी उत्कृष्ट काम के चलते चित्तौड़गढ़ की उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम को राज्य स्तरीय सम्मान देने का फैसला लिया गया है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के रूप में 25 जनवरी को जयपुर में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर चित्तौड़गढ़ जिले के उप जिला निर्वाचन अधिकारी को मतदाता सूची पुनरीक्षण में उत्कृष्ट काम के लिए सम्मानित किया जाएगा। निर्वाचन विभाग द्वारा तय किए गए विभिन्न मापदंडों और मानकों के आधार पर चयन किया गया है। इन मापदंडों में मतदाता सूची की शुद्धता, नए मतदाताओं का नाम जोड़ना, अपात्र नाम हटाना और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से पूरा करना शामिल है। जयपुर में होगा राज्य स्तरीय आयोजन यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम रविवार को सुबह 8 बजे राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC), जयपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे, जबकि राज्य निर्वाचन आयुक्त, राजस्थान और राजस्थान के मुख्य सचिव विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस मंच से राज्य के उन जिलों और अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार उल्लेखनीय काम किया है। चित्तौड़गढ़ के लिए यह सम्मान जिले की छवि को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है। SIR में चित्तौड़गढ़ का बेहतरीन प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान चित्तौड़गढ़ जिले में पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया। घर-घर सर्वे, मतदाताओं से संवाद, त्रुटियों का समय पर सुधार और डिजिटल रिकॉर्ड को दुरुस्त करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसी कारण जिले में किसी तरह का बड़ा विवाद या विरोध देखने को नहीं मिला। सिर्फ कांग्रेस की ओर से एक बार आपत्ति जताई गई थी लेकिन उसका भी असर ज्यादा नहीं रहा। जहां अन्य जिलों में SIR को लेकर असंतोष की स्थिति बनी, वहीं चित्तौड़गढ़ में प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला।


