चित्तौड़गढ़ जिला अभिभाषक संस्था की नई कार्यकारिणी के तीन पदों के लिए आज सुबह 9 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई थी। मतदान दोपहर 3:30 बजे तक चलेगा, जिसके बाद शाम 4 बजे से मतगणना शुरू होगी। दोपहर 2 बजे तक कुल 253 वकीलों ने अपने मताधिकार का उपयोग कर लिया था। चुनाव में कुल 393 वकील मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनने के लिए रजिस्टर्ड हैं। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। चुनाव में बैनर और पोस्टर लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। चुनाव के परिणाम देर शाम तक जारी होने की संभावना है। अध्यक्ष पद पर त्रिकोणी मुकाबला, बाकी पदों पर कई उम्मीदवार निर्विरोध जिला अभिभाषक संस्था के चुनाव में इस बार अध्यक्ष पद पर त्रिकोणी मुकाबला देखने को मिल रहा है। वहीं उपाध्यक्ष और सह सचिव पदों पर दो-दो उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला है। दूसरी ओर, सचिव पद पर लोकेन्द्र सिंह राणावत, कोषाध्यक्ष पद पर कमलेश कुमार सुखवाल और पुस्तकालय प्रभारी पद पर रोहित कुमार खटीक पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। चुनाव को लेकर पूरे परिसर में उत्साह का माहौल है। सभी उम्मीदवार और उनके समर्थक दिनभर सक्रिय नजर आ रहे हैं। प्रत्याशी एक-एक मतदाता से मिलकर अपने पक्ष में वोट डालने की अपील कर रहे हैं। कोर्ट गेट के बाहर और पार्किंग क्षेत्र में भी प्रत्याशी एवं समर्थक आने वाले अधिवक्ताओं का स्वागत कर समर्थन जुटाने में लगे हैं। मतदान का माहौल जोशपूर्ण और बेहद उत्साहपूर्ण बना हुआ है। ये उम्मीदवार हैं मैदान में अध्यक्ष पद – भूपेंद्र सिंह महेचा, महेश शर्मा और संजय मोड़ उपाध्यक्ष पद – चांदनी बैरागी, ललित जोशी सह सचिव – कमलेश डांगी, विशाल सिंह भाटी बैनर-पोस्टर पर रोक का दिखा असर, सीसीटीवी निगरानी में पूरा चुनाव इस बार जिला अभिभाषक संस्था के चुनाव में चुनाव समिति द्वारा बैनर-पोस्टर पर लगाई गई रोक का स्पष्ट असर दिखाई दिया। समिति ने पूर्व बैठक में यह निर्देश जारी किए थे कि कोई भी प्रत्याशी ऐसा बैनर या पोस्टर नहीं लगाएगा, जिससे चुनावी माहौल प्रभावित हो या किसी उम्मीदवार को नुकसान पहुंचे। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि नियम तोड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। निर्देशों के बाद पूरे कोर्ट परिसर में किसी भी तरह के पोस्टर या बैनर नहीं लगाए गए। चुनाव स्थल पर केवल प्रत्याशी और उनके समर्थक ही मतदाताओं से संपर्क करते नजर आए। चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रखने के लिए परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है।


