राजस्थान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ रविवार को चित्तौड़गढ़ दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग कर संगठन की मजबूती पर चर्चा की। मीटिंग में राठौड़ ने कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बात की। “वसुंधरा राजे का सक्रिय होना बिल्कुल सही, सभी को एक्टिव होना चाहिए” पत्रकारों से बातचीत में जब उनसे पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सक्रियता को लेकर सवाल पूछा गया तो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि “उनका सक्रिय होना बिल्कुल सही है। हम सबको एक्टिव रहना चाहिए, क्योंकि हम संगठन के कार्यकर्ता हैं। जो संगठन का हिस्सा है, उसे सक्रिय रहना ही चाहिए। इसमें किसी को विचलित होने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने कहा कि भाजपा में हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है कि वह संगठन के हित में अपनी भूमिका निभाए। “दिसंबर तक सभी राजनीतिक नियुक्तियां पूरी होंगी” राठौड़ ने राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “हमारी पार्टी और कांग्रेस में बड़ा अंतर है। कांग्रेस ने चुने हुए या नियुक्त लोगों को तत्काल हटा दिया था। लेकिन हमने उन्हें काम करने का पूरा मौका दिया है। अब हम एक-एक करके नियुक्तियां कर रहे हैं और इस साल दिसंबर तक सभी नियुक्तियां पूरी कर दी जाएंगी।” उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में अनुशासन और व्यवस्था सर्वोपरि है। “हमारे यहां ब्यूरोक्रेसी भी संगठन की सोच के अनुरूप काम करती है। यहां अफसरशाही नहीं चलती, सब व्यवस्था के हिसाब से कार्य करते हैं।” “निर्दलीय विधायक आक्या हमारे परिवार का हिस्सा हैं” बैठक में प्रदेशाध्यक्ष ने चित्तौड़गढ़ के निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह आक्या को भी संबोधित करते हुए कहा “आप हमारे परिवार का हिस्सा हैं। आपके साथ पूरा संगठन खड़ा है। किसी भी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने कहा कि भाजपा एक बड़ा परिवार है और इस परिवार का हर सदस्य जरूरी है। “जो कार्यकर्ता या नेता हमारे लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, उनके साथ खड़ा रहना और उनके परिवार का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि “जमीनी स्तर पर काम करने वाले हर कार्यकर्ता की निजी जिंदगी में झांककर देखें कि उसे कोई परेशानी तो नहीं। अगर है, तो उसे हल करें। बदले में वही कार्यकर्ता आपके लिए जी-जान से काम करेगा।” “भाजपा एक परिवार है, उसे मजबूत बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी” राठौड़ ने कहा कि भाजपा सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक परिवार की तरह है। उन्होंने कहा – “परिवार का ध्यान रखना, उसके हर सदस्य को जोड़कर रखना बहुत जरूरी है। संगठन मजबूत रहेगा तो पार्टी अपने आप मजबूत होगी।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अनुभवी नेता हैं। “वे संगठन के पुराने कार्यकर्ता हैं और कई बार महामंत्री रह चुके हैं। उन्हें संगठन चलाना भी आता है और सरकार चलाना भी।” कांग्रेस ने हमेशा घुटनों पर शासन किया कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा – “कांग्रेस ने कभी राज नहीं किया, वह तो हमेशा घुटनों पर रही। उन्होंने अपने ही उपमुख्यमंत्री को नकारा और निकम्मा कहा। हमारी पार्टी एकमुखी होकर संगठित तरीके से काम कर रही है। यही भाजपा की ताकत है।” सांसद सीपी जोशी बोले – “आज चंद्रप्रकाश भी हैं और चंद्रभान भी” बैठक में सांसद सीपी जोशी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा – “आज यहां चंद्रप्रकाश भी हैं और चंद्रभान भी मौजूद हैं।” उन्होंने बताया कि भाजपा ने जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की है। बता दे कि चित्तौड़गढ़ सीट से चंद्रभान सिंह आक्या ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की थी। ऐसे में सांसद का इस तरह से बोलने पर हॉल में तालियों की गूंज सुनाई दी। सीपी जोशी और आक्या के बीच पिछले लंबे समय से मनमुटाव की बातें चल रही थीं, लेकिन इस मीटिंग में दोनों एक मंच पर दिखाई दिए। इससे कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश गया कि अब पार्टी के सभी नेता संगठन के हित में एकजुट होकर काम करने को तैयार हैं। डेढ़ साल में विकास की रफ्तार बढ़ी है” – सहकारिता मंत्री गौतम दक बैठक में सहकारिता मंत्री गौतम दक ने भी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में भाजपा सरकार ने विकास का पहिया फिर से चलाया है। उन्होंने कहा – “कांग्रेस के शासन में भ्रष्टाचार चरम पर था। अब जनता को उससे मुक्ति मिल गई है। पहले चर्चा होती थी कि कितना भ्रष्टाचार हुआ, अब चर्चा होती है कि कितना विकास हुआ।” जिम्मेदारी मिलने के बाद भी कमजोर न पड़ें गौतम दक ने कहा कि जब तक किसी को दायित्व नहीं मिलता, तब तक वह पूरी निष्ठा से काम करता है। लेकिन जिम्मेदारी मिलने के बाद कई बार कार्यकर्ता ढीले पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा – “अब आगामी नगर परिषद और पंचायत चुनाव आने वाले हैं। हमें एकजुट होकर काम करना होगा। छोटी-छोटी बातों पर नाराज होकर संगठन को कमजोर न करें।” सरस डेयरी में फर्जीवाड़ा था, इसलिए हटाया गया गौतम दक ने सरस डेयरी प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि वहां काफी गड़बड़ियां चल रही थीं। “जहां फर्जीवाड़ा हुआ, वहां कार्रवाई करना जरूरी था।


