चित्तौड़गढ़ में गर्मी का प्रकोप एक बार फिर चरम पर पहुंचने लगा है। सोमवार को जिले में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि बेहद गर्म माना जाता है। न्यूनतम तापमान भी 27.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रातें भी अब गर्म और बेचैन कर देने वाली हो गई हैं। इससे पहले रविवार को भी गर्मी का तेवर कुछ कम नहीं था। रविवार को अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। लगातार दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे आमजन के साथ-साथ पशु-पक्षियों पर भी गर्मी का असर साफ नजर आ रहा है। हालांकि मौसम विभाग ने राहत की खबर देते हुए हीट वेव (लू) का अलर्ट हटा लिया है, लेकिन तापमान में लगातार बढ़ोतरी चिंता का कारण बनती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि हीट वेव अलर्ट हटने का मतलब यह नहीं कि गर्मी कम हो गई है। तापमान सामान्य से ज्यादा बना हुआ है और अगले दो-तीन दिनों में इसमें और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। आमजन बेहाल, बाजारों में छाया सन्नाटा दिन चढ़ने के साथ ही शहर की सड़कें सुनसान नजर आने लगती हैं। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है। जरूरी काम से बाहर निकलने वालों को तेज धूप और लू का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि ज्यादा गर्मी में बाहर निकलने से बचें, पानी का अधिक सेवन करें और धूप में नंगे सिर बाहर न जाएं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है। गर्मी का असर किसानों पर भी दिखने लगा है। खेतों में कार्य कर रहे किसानों के लिए यह मौसम बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। कई जगहों से खबरें आई हैं कि मजदूर वर्ग को भी काम के घंटे कम करने पड़ रहे हैं ताकि वे लू से बच सकें। अगले कुछ दिनों में और बढ़ेगा तापमान मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दो से तीन दिनों में तापमान में और ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है। मई में मिल सकती है राहत, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बदलेगा मौसम मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि मई महीने के पहले हफ्ते में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के सक्रिय होने के आसार हैं। इसके प्रभाव से राजस्थान के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। चित्तौड़गढ़ भी इससे अछूता नहीं रहेगा। यदि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होता है, तो यहां भी आंधी और हल्की बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट संभव है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर कितने दिन तक रहेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।


