चित्तौड़गढ़ में गर्मी का प्रकोप लगातार जारी है। शनिवार को अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार की तुलना में तापमान में हल्की गिरावट देखी गई, जब अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। हालांकि, तापमान में इस मामूली अंतर का लोगों को कोई खास फायदा नहीं हुआ। दिनभर गर्म हवाएं चलती रहीं, लेकिन उमस और गर्मी से राहत नहीं मिल पाई। गर्म हवाओं से बढ़ी परेशानी शनिवार को चित्तौड़गढ़ शहर और आसपास के इलाकों में सुबह से ही लू जैसे हालात बने रहे। आसमान में बादल छाए रहे। पूरे दिन धूप और बादलों की लुकाछिपी चलती रही। फिर भी लोगों को राहत नहीं मिली। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग भी चेहरे और सिर को कपड़े से ढककर ही बाहर निकले। बाजारों में भी दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गर्म हवाएं शरीर में पानी की कमी और थकावट बढ़ा सकती हैं, जिससे हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि चित्तौड़गढ़ में 27 अप्रैल से 30 अप्रैल तक हीट वेव (लू) का प्रकोप रहने वाला है। इसके चलते विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए, खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। हीट वेव के दौरान लू चलने की संभावना रहती है, जिससे डीहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, पानी का ज्यादा सेवन करने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। मई के पहले हफ्ते में आंधी-बारिश के आसार मौसम विभाग ने राहत की खबर भी दी है। विभाग के अनुसार, मई के पहले सप्ताह में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पूर्वी हवाओं के प्रभावी होने और लगातार पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होने के कारण क्षेत्र में आंधी और बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी। इन मौसमी गतिविधियों से तापमान में गिरावट आने की संभावना है। साथ ही, हीट वेव की स्थिति में भी सुधार होगा। बारिश और तेज हवाओं के चलते न केवल गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि मौसम में नमी बढ़ने से फसलों और बागवानी पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। किसानों के लिए अच्छी खबर मई की शुरुआत में संभावित बारिश से किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में तापमान बढ़ने के कारण खेतों में नमी की कमी महसूस हो रही है, जिससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अगर समय पर बारिश होती है, तो यह खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों के लिए लाभकारी होगी।


