नरसिंहपुर जिले के चिनकी-उमरिया स्थित शासकीय बकरी प्रजनन प्रक्षेत्र में तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है। 7 से 9 जनवरी तक चलने वाले इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं, किसानों और बकरीपालकों को उन्नत बकरीपालन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। जिला पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक डॉ. सुनील बृजपुरिया ने बताया कि यह प्रशिक्षण बकरीपालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इसमें प्रतिभागियों को बकरी प्रबंधन, नस्ल चयन, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और टीकाकरण की विस्तृत जानकारी दी जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। 67 पंजीकृत प्रशिक्षणार्थी ले रहे भाग इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण में कुल 67 पंजीकृत प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे हैं। इनमें नरसिंहपुर जिले से 28, मंदसौर से 11, छिंदवाड़ा से 8 और बालाघाट से 6 प्रतिभागी शामिल हैं। मध्य प्रदेश के लगभग 18 जिलों के अलावा, उत्तर प्रदेश के बदायूं, महाराजगंज और राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले से भी प्रशिक्षणार्थी पहुंचे हैं। प्रशिक्षण में महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी है। डिंडौरी जिले से आए प्रशिक्षणार्थी शहबाज खान ने बकरीपालन में अपनी विशेष रुचि बताई। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग से संपर्क के बाद उन्हें इस प्रशिक्षण की जानकारी मिली। यहां उन्हें बकरी रखने, देखभाल, टीकाकरण, उपचार और प्रबंधन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी व्यावहारिक रूप से सिखाई जा रही है। उन्होंने प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन की सराहना की।


