भास्कर न्यूज | अमृतसर चिन्मय मिशन अमृतसर द्वारा आयोजित 320वीं विशेष चिन्मय भजन स्वरांजलि का आयोजन चिन्मय अमृत आश्रम, ई-ब्लॉक, रणजीत एवेन्यू में हुआ। कार्यक्रम पंकज कोहली और उनके परिवार के सौजन्य से सम्पन्न हुआ। आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और गरिमा का वातावरण रहा। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद दीपक ने मंगलाचरण ‘जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश प्यारे…’ प्रस्तुत किया। पूरे परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। सुश्री सुमन ठाकुर ने संस्कृत रचना ‘दिव्य-कर्त्तव्य’ प्रस्तुत की। उन्होंने कर्तव्यनिष्ठ जीवन और लोकसेवा का संदेश दिया। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। तजिन्दर ने ‘राम जपा कर’ भजन से प्रभु-भक्ति का भाव जगाया। उनकी प्रस्तुति में सहजता और आध्यात्मिक गहराई रही। सुमन ठाकुर ने दूसरी प्रस्तुति ‘हर देश में तू, हर वेश में तू…’ से अद्वैत और सर्वव्यापी ब्रह्म की अनुभूति करवाई। अविनाश ने ‘मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है…’ भजन से प्रभु की कृपा और आत्मसमर्पण का भाव सजीव किया। सुश्री इन्दु बाला ने ‘जो भजे हरि को सदा…’ भजन से शुद्ध भक्ति और आत्मशुद्धि का संदेश दिया। सिमरनजीत ने ‘हरि-हरि हरि नाम को तन पुजे…’ भजन से आध्यात्मिक साक्षात्कार का अनुभव कराया। दीपक ने ‘कृष्ण है श्रद्धा, कृष्ण है भक्ति…’ भजन से श्रद्धा और कृष्ण-स्मरण का वातावरण रचा। सुश्री अनुपमा ने ‘राम को पाना है तो बंदे खुद को बदलना होगा…’ भजन से आत्मपरिवर्तन और राम-भक्ति का संदेश दिया। चिन्मय मिशन अमृतसर के अध्यक्ष अविनाश महेंद्रू ने अपने संदेश में कहा कि जीवन में संशय रहेगा तो आध्यात्मिक उन्नति नहीं हो सकती। राम को पाने के लिए स्वयं को बदलना होगा। कार्यक्रम का समापन चिन्मय आरती और जगदीश आरती से हुआ। शांतिपाठ के साथ वातावरण में शांति और ऊर्जा की स्थापना हुई। अंत में कोहली परिवार द्वारा सभी श्रद्धालुओं के लिए भक्ति भाव से युक्त भोजन प्रसाद का आयोजन किया गया।


