रेलवे डिवीजन बिलासपुर के डीआरयूसीसी के पूर्व सदस्य विजय प्रकाश पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे बोर्ड अध्यक्ष सतीश कुमार को पत्र लिखकर भारत के राजपत्र में 8 मई 2025 को प्रकाशित हो चुके नोटिफिकेशन के बावजूद भूमि अधिग्रहण और टेंडर बुलाने की कार्रवाई अविलंब किए जाने की मांग की है। पटेल ने अपने पत्र में कहा है कि यह परियोजना क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी है, जिसका भूमि पूजन वर्ष 2018 में संपन्न हो चुका है। इसके बाद दो वर्ष के भीतर परियोजना पूर्ण करने की सार्वजनिक घोषणा भी की गई थी। परियोजना के लिए आवश्यक 241 करोड़ रुपए की राशि पहले ही स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन अब तक न तो भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो सकी है और न ही टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद 8 मई 2025 को भारत के राजपत्र में भूमि अधिग्रहण संबंधी अधिसूचना भी प्रकाशित हो चुकी है, और आपत्तियों की निर्धारित समयावधि भी समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद परियोजना पर अमल नहीं होने से सरगुजा और शहडोल संभाग के लाखों नागरिकों के बीच गहरी निराशा और असंतोष है। प्रधानमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग विजय प्रकाश पटेल ने प्रधानमंत्री से पुनः हस्तक्षेप करते हुए निवेदन किया है कि संबंधित किसानों और भूमि स्वामियों को शीघ्र मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाए और परियोजना की निविदा (टेंडर) तत्काल जारी की जाए, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके। उन्होंने यह पत्र कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, डीआरएम राजमल खोईवाल, कलेक्टर और नोडल अधिकारी को भी भेजा है। प्रशासन ने दी स्थिति की जानकारी इस संबंध में जिले के अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार ने जानकारी दी कि भूमि अधिग्रहण को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह परियोजना कुल छह गांवों से होकर गुजरेगी। अधिसूचना के पहले चरण में लगभग 30 ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई है, जिनकी सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है। अपर कलेक्टर ने बताया कि नियमों के अनुसार आपत्तियों का निराकरण एक माह की अवधि में करना अनिवार्य है, इसी वजह से प्रक्रिया में कुछ समय लग रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस परियोजना को गंभीरता से ले रहा है, क्योंकि यह रेलमार्ग क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। लेकिन सभी कार्यवाहियां विधिक प्रावधानों के अंतर्गत ही की जाएंगी।


