भास्कर न्यूज | अमृतसर चिन्मय वानप्रस्थ संस्थान अमृतसर की 307वीं मीटिंग न्यू अमृतसर स्थित भवन्ज आश्रय के सभागार में हुई। कार्यक्रम में फोर्टिस अस्पताल के डायरेक्टर और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण चोपड़ा मुख्य अतिथि और वक्ता रहे। उन्होंने विषय ‘ये न खाएं, वो न खाएं, तो आखिर इस बढ़ती उम्र में खाएं क्या?’ पर ज्ञानवर्धक चर्चा की। कार्यक्रम की शुरुआत पूज्य गुरुदेव के विग्रह के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। प्रो. वीडी शर्मा ने ‘उठ जाग मुसाफिर’ भजन गाकर ईश आह्वान किया। संस्था के सचिव एसएन जोशी ने विषय और वक्ता का परिचय देकर डॉ. चोपड़ा का स्वागत किया। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि बढ़ती उम्र में खानपान का विशेष ध्यान जरूरी है। सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि क्या खाना है और क्या नहीं। सफेद चीनी से बनी मिठाइयां, कोल्ड ड्रिंक, स्क्वैश, बाजार के जूस सबसे अधिक नुकसानदायक हैं। इनमें चीनी की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो शरीर के हर अंग को नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि ऊपर से डाला गया नमक बंद कर दें। मैदा और बेकरी उत्पाद कम खाएं। धूम्रपान न करें। तले-भुने, बाहर के और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों से बचें। यदि खाना ही हो तो बहुत कम मात्रा में लें। बाहर के खाने में प्रिजरवेटिव होते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। तेलों में ऑलिव ऑयल सबसे अच्छा है, पर महंगा होने के कारण देसी घी, सरसों का तेल और नारियल तेल का प्रयोग किया जा सकता है। ताज़ी सब्जियां, फल, सलाद, दूध, दही, घर का पनीर और दालें भोजन में शामिल करें। ड्राय फ्रूट में बादाम, अखरोट और मूंगफली फायदेमंद हैं। नॉनवेज में चिकन मटन से बेहतर है। समुद्री मछली खाना भी अच्छा माना गया। उन्होंने कहा कि नमक और चीनी एकदम से नहीं छोड़ी जा सकती, पर धीरे-धीरे इनकी मात्रा घटाई जा सकती है। प्रोटीन, विटामिन, फाइबर और खनिजों से भरपूर संतुलित आहार लें।


