डीडवाना के आकोदा स्थित शिशु विहार वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय कबड्डी महाकुंभ में रविवार को 19 वर्ष वर्ग बालिका वर्ग का फाइनल मुकाबला खेला गया। इसमें चूरू अकादमी ने सीकर को हराकर स्वर्ण पदक जीता। मुकाबले की शुरुआत में सीकर की टीम ने बढ़त बनाई थी, लेकिन अंतिम क्वार्टर में चूरू की खिलाड़ियों ने शानदार वापसी करते हुए निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। इस रोमांचक मैच के दौरान दर्शकों में भारी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम के मुख्य मेहमान, राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक बोदूराम चौधरी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि कबड्डी गांवों और ढाणियों में लोकप्रिय खेल है। राज्य सरकार को चाहिए कि वह प्रतिभाओं को निखारने के लिए गांवों तक प्रशिक्षकों की नियुक्ति करे और प्रत्येक जिला मुख्यालय पर खेल अकादमियों की स्थापना करे। प्रतियोगिता के लिए भूमि उपलब्ध कराने वाले महावीर सिंह राठौड़ को आयोजन समिति ने साफा और माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सरपंच श्रवण बिजारणीय और गोमाराम खिलेरी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सप्ताह भर चली इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। कृषि कार्य का व्यस्त समय होने के बावजूद दर्शक दीर्घाएं खचाखच भरी रहीं। रविवार के फाइनल मुकाबले में दर्शकों का उत्साह चरम पर था। उप जिला खेल अधिकारी राजेश कुमार धूत ने बताया कि 17 वर्ष वर्ग का फाइनल मुकाबला सोमवार सुबह बीकानेर और चूरू अकादमी के बीच खेला जाएगा। इसके बाद पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा। प्रतियोगिता के सफल संचालन में दातार सिंह राठौड़, भगवान सिंह राठौड़, वासूदेव बलारा, निशा सोनी, लक्ष्मण सिंह राठौड़, कुशालाराम, पुष्पेंद्र महला, पारस परिहार, रामनिवास पादड़ा, जसवीर सिंह, रामदेव ज्याणी, नानूराम और सुनील साहरण सहित कई सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


